महिलाओं में अलग होते हैं दिल की बीमारियों के लक्षण
महिलाओं को होने वाले दिल के रोग के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं
महिलाओं को होने वाले दिल के रोग के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं(फोटो:iStock)

महिलाओं में अलग होते हैं दिल की बीमारियों के लक्षण

दिल का रोग तो बड़ा बेदर्द है. ये किसी गाने की लाइन नहीं बल्कि हिदायत है, उनके लिए जो ये समझते हैं कि दिल की बीमारी का लक्षण वैसा ही होता है, जो आमतौर पर लोग जानते हैं. लेकिन जरा रुकिए और इस बात पर ध्यान दीजिए.

रिसर्च कहता है कि महिलाओं में और पुरुषों में होने वाले दिल के रोग के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं.

अमेरिका की हार्ट मैगजीन के अनुसार अमेरिका में महिलाओं की होने वाली मौतों की सबसे बड़ी वजह दिल की बीमारी है. इसकी वजह ये है कि महिलाओं को होने वाले दिल के रोग के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं. महिलाएं उन लक्षणों को एसिड रिफल्क्स या नॉर्मल फ्लू या उम्र के कारण होने वाली दिक्कतें समझ कर नजरअंदाज कर देती हैं.

महिलाओं और पुरुषों में बनने वाले हार्मोन्स में फर्क होता है और वो उनमें दिल के रोग के लक्षण थोड़े अलग होने की वजह हो सकते हैं.
डॉ विवेका कुमार, हार्ट स्पेशलिस्ट, मैक्स हॉस्पिटल
Loading...

क्या है दिल के रोग की वजह?

डॉ विवेका कुमार के अनुसार दिल की बीमारियों की 90 % तक वजह लाइफ स्टाइल है. वो कहते हैं कि भारत में लोग कार्बोहाइड्रेट का अधिक मात्रा में उपयोग करते हैं. जिसकी वजह से बीमारियों को बढ़ावा मिलता है. इसके अलावा डायबिटीज, मोटापा, चिंता, मेनोपॉज, तंबाकू और शराब का सेवन, खराब खानपान ये सब दिल से जुड़े रोग की वजह हैं.

महिलाओं के शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन महिलाओं के लिए रक्षात्मक होते हैं और यही वजह है कि उनमें दिल से संबंधित बीमारियों का खतरा पुरुषों से कम होता है. साथ ही महिलाओं को पुरुषों की तुलना में 10 से 15 साल बाद दिल का दौरा पड़ने की आशंका रहती है.
रितिका सामदार, हेल्थ न्यूट्रिशनिस्ट

इंडियन हार्ट एसोसिएशन में छपी एक रिपोर्ट कहती है कि मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन की मात्रा कम हो जाती है, तो बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

महिलाओं में दिल की बीमारियों के लक्षण

सीने में दर्द के बिना भी हार्ट अटैक आने की गुंजाइश रहती है
सीने में दर्द के बिना भी हार्ट अटैक आने की गुंजाइश रहती है
(फोटो: iStock)

महिलाओं में दिल से संबंधित रोग के सबसे आम लक्षणों में सीने में दर्द है. लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता. एक रिपोर्ट के अनुसार सीने में दर्द के बिना भी हार्ट अटैक आने की गुंजाइश रहती है.

डॉक्टर विवेका कुमार के अनुसार महिलाओं में दिल से संबंधित रोग के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

  • गर्दन, जबड़ों, कंधों, कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द और पेट से संबंधित परेशानी हो सकती है.
  • सांस लेने में तकलीफ
  • उल्टी आना या जी मिचलाना
  • पसीना आना
  • सिर चकराना
  • बिना वजह थकावट महसूस होना
  • एक हाथ या दोनों हाथ में दर्द होना

क्या करें?

डॉक्टर विवेका कुमार के अनुसार सबसे पहले दिल की बीमारी होने की वजहों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें सुधारने की कोशिश करनी चाहिए. डॉक्टर से अपना रेगुलर चेकअप और टेस्ट कराते रहना चाहिए.

लाइफस्टाइल में बदलाव करें, खानपान पर ध्यान दें, नमक और शक्कर की मात्रा कम करें, स्ट्रेस न लें.

डॉक्टर रितिका सामदार के अनुसार महिलाएं दिल के रोग के खतरे को कम करने के लिए इन तरीकों को अपनाएं.

व्यायाम करें

ताकि मेनोपॉज के बाद वजन न बढ़े
ताकि मेनोपॉज के बाद वजन न बढ़े
(फोटो:iStock)

ये देखा जाता है कि भारतीय महिलाएं व्यायाम करने में पीछे रहती हैं, वो घर का काम करती हैं और ये समझती हैं कि उतनी शारीरिक सक्रियता काफी है, जबकि ऐसा नहीं है.

मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने की भी गुंजाइश रहती है, तो ये भी ध्यान रखना है कि वजन ना बढ़े.

खानपान में सुधार करें

हेल्दी खाना खाएं
हेल्दी खाना खाएं
(फोटो:iStock)

हेल्दी खाना खाएं और कोशिश करें कि आपकी डाइट में नमक, शक्कर की मात्रा, वसा और सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम हो.

फाइबर और हरी सब्जियों से भरपूर डाइट

फाइबर युक्त खाना जरूर लें.
फाइबर युक्त खाना जरूर लें.
(फोटो: iStock)

कोलेस्ट्रॉल लेवल कम रखने के लिए वसा युक्त खाने से तो बचे ही, साथ में फाइबर युक्त हरी सब्जियों का प्रयोग करें.

डाइट में फाइटोएस्ट्रोजन शामिल करें

डाइट में अलग-अलग तरह की बीजों (सीड्स) को शामिल करें
डाइट में अलग-अलग तरह की बीजों (सीड्स) को शामिल करें
(फोटो:iStock/altered by Fit)

मेनोपॉज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन बनना बंद हो जाता है, उसके लिए डाइट में अलग-अलग तरह की बीजों (सीड्स) को शामिल करें, सोयाबीन लें, छिलके वाली दाल, लोबीया लें, राजमा खाएं.

ये शरीर में एस्ट्रोजन पहुंचाने का नैचुरल तरीका है, इनसे कोई एलर्जी नहीं होती, फिर भी पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

ये भी पढ़ें : कम नींद लेने वाले पुरुषों को दिल की बीमारियों का दोगुना खतरा

Follow our नारी section for more stories.

    Loading...