युवा महिलाओं में बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले: स्टडी
हार्ट अटैक तब पड़ता है, जब दिल के किसी हिस्से को ब्लड की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होती.
हार्ट अटैक तब पड़ता है, जब दिल के किसी हिस्से को ब्लड की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होती.(फोटो: iStock)

युवा महिलाओं में बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले: स्टडी

युवा महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है और रिसर्चर्स इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इसकी वजह क्या है.

सर्कुलेशन जर्नल में हाल ही में पब्लिश हुई स्टडी के मुताबिक अस्पतालों में हार्ट अटैक के मामलों की भर्ती में 1995 से 2014 तक काफी इजाफा हुआ, जिसमें युवा महिलाओं की तादाद ज्यादा रही.

स्टडी में पाया गया कि युवा महिलाओं में हार्ट अटैक के मामलों में जहां 21 फीसदी से 31 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई, वहीं युवा पुरुषों में ये बढ़ोतरी 30 फीसदी से 33 फीसदी रही. 
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इस स्टडी की सीनियर ऑथर मेलिसा कॉफे ने कहा, 'भले ही हमारी आबादी उम्रदराज हो रही है, लेकिन युवा मरीजों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं और इसमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी युवा महिलाओं में देखी जा रही है.'

हार्ट अटैक तब पड़ता है, जब दिल के किसी हिस्से को ब्लड की पर्याप्त आपूर्ति नहीं होती.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से जुड़ी 85 फीसदी मौतों की वजह हार्ट अटैक और स्ट्रोक होते हैं.

महिलाओं में अलग होते हैं दिल की बीमारियों के लक्षण

महिलाओं को होने वाले दिल के रोग के लक्षण पुरुषों से अलग होते हैं. महिलाएं उन लक्षणों को एसिड रिफल्क्स या नार्मल फ्लू या उम्र के कारण होने वाली परेशानी समझ कर नजरअंदाज कर देती हैं.

मैक्स हॉस्पिटल में हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ विवेका कुमार के मुताबिक महिलाओं में दिल से जुड़ी बीमारियों के लक्षण ये हो सकते हैं:

  • गर्दन, जबड़ों, कंधों, कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द और पेट से जुड़ी परेशानी
  • सांस लेने में तकलीफ
  • उल्टी आना या जी मिचलाना
  • पसीना आना
  • सिर चकराना
  • बिना वजह थकावट महसूस होना
  • एक हाथ या दोनों हाथ में दर्द होना

इसलिए किसी भी तरह की दिक्कत को नजरअंदाज करने की बजाए अपना रेगुलर चेकअप और टेस्ट कराते रहना चाहिए.

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