सेक्सॉल्व: ‘क्या मेरा कॉलेज स्वीटहार्ट अब भी मुझसे प्यार करता है?’
‘अगर आप किसी से प्यार करते हैं, तो शक और नाप-तौल को किनारे रखकर उसे प्यार करें.’
‘अगर आप किसी से प्यार करते हैं, तो शक और नाप-तौल को किनारे रखकर उसे प्यार करें.’ (फोटो: iStockphoto)

सेक्सॉल्व: ‘क्या मेरा कॉलेज स्वीटहार्ट अब भी मुझसे प्यार करता है?’

सेक्सॉल्व समता के अधिकार के पैरोकार हरीश अय्यर का फिट पर सवाल-जवाब आधारित कॉलम है.

अगर आपको सेक्स, सेक्स के तौर-तरीकों या रिलेशनशिप से जुड़ी कोई परेशानी है, कोई उलझन है, जिसे आप हल नहीं कर पा रहे हैं, या आपको किसी तरह की सलाह की जरूरत है, किसी सवाल का जवाब चाहते हैं या फिर यूं ही चाहते हैं कि कोई आपकी बात सुन ले- तो हरीश अय्यर को लिखें और वह आपके लिए ‘सेक्सॉल्व’ करने की कोशिश करेंगे. आप sexolve@thequint.com पर मेल करें.

पेश हैं इस हफ्ते के सवाल-जवाबः

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‘मोटा होने के नाते मुझे स्वीकार नहीं किया गया’

डियर रेनबोमैन,

मैं मुंबई में रहने वाला एक 32 वर्षीय पुरुष हूं. मैं मूलतः महाराष्ट्र के एक गांव का रहने वाला हूं. करीब तीन साल पहले मुझे अंग्रेजी का एक शब्द भी नहीं आता था, जब मैं आपकी सलाह पर अमल करते हुए मुंबई गया था ताकि मैं एक समलैंगिक शख्स के रूप में यहां जी सकूं और सांस ले सकूं. मैंने अंग्रेजी सीखी और आखिरकार इसमें इस हद तक महारत हासिल कर ली कि मुझे जानने वाले भी नहीं कह सकते कि मैं वही शख्स हूं, जिसने सारी पढ़ाई मराठी मीडियम से की है. मुझे लगा अब सब ठीक हो जाएगा. मैं समलैंगिक लोगों से मिला, मैंने सोचा कि मुझे उन लोगों के साथ नई जिंदगी मिल गई है, जो मेरे जैसे हैं. मुझे रहमदिली और प्यार की तलाश थी और मुझे यह मिला.

मुंबई एक प्यारा शहर है. मैं आपसे भी व्यक्तिगत रूप से मिला. मुझे लगा कि मेरे परिवार से बाहर मेरा एक नया परिवार है. मैं खुश था और ग्रामीण भारत की घुटन भरी जिंदगी से बाहर था, जहां मैं अपने तरीके से जी नहीं सकता था. हालांकि, यह बहुत अल्पकालिक था. जल्द ही मेरा वजन बढ़ गया और कोई भी समलैंगिक पुरुष एक ‘मोटा’ समलैंगिक दोस्त नहीं चाहता था- यहां तक कि मेरे करीबी समलैंगिक मित्रों और प्रेमियों ने कहा कि मेरा“पिछवाड़ा बहुत बड़ा” है और मैं “मोटा भद्दा” दिखता हूं. मैंने कई बार कई-कई दिन उपवास किया, लेकिन मैं दुबला नहीं हुआ. मुझे नहीं पता कि मुंबई में खुद को स्वीकार किए जाने के लिए मुझे क्या करना चाहिए.

क्या भारत में कोई और शहर है, जो मोटे समलैंगिकों को स्वीकार करता है? मैं यह लड़ाई लड़ते हुए थक गया हूं. मैं क्या करूं? कृपया मेरा मार्गदर्शन कीजिए.

मोटा गे

‘क्या भारत में कोई और शहर है, जो मोटे समलैंगिकों को स्वीकार करता है?’
‘क्या भारत में कोई और शहर है, जो मोटे समलैंगिकों को स्वीकार करता है?’
(फोटो: iStockphoto)

डियर मोटा गे,

मुझे अपनी बात लिखने के लिए शुक्रिया. मैं स्वीकार करता हूं कि मुझे आपका लिखा पिछला मेल याद नहीं है, वैसे मुझे खुशी है कि आप मुंबई में अपने जैसे समलैंगिक पुरुषों से मिल सके. मुंबईवासी साथी के रूप में, मैं आपको मोटापे के लिए शर्मिंदा करने वालों की तरफ से माफी मांगता हूं, जिसका आपको हमारे शहर में सामना करना पड़ा. हालांकि यह सच है कि अलग किस्म के लोगों के समायोजन के मामले में कुछ शहर दूसरों की तुलना में बेहतर हैं, लेकिन सभी के निजी तजुर्बे अलग होते हैं.

इंसानी पूर्वाग्रह इंसानी प्यार की तरह ही सर्वव्यापी है. कभी-कभी वही दिल जो आपके साथ रहमदिली से पेश आता है और अंगीकार करता है, वही आपको नफरत और तिरस्कार से गुस्सा भी दिला देता है. किसी भी एक तरह के तजुर्बे को अपनी पूरी सोच पर हावी मत होने दें. एक आदर्श संसार का विचार वास्तव में एक मिथक है.

मुझे खुशी है कि आपने अपनी सेक्सुअलटी को कुबूल किया है. मैं आपके मेल से समझ सकता हूं कि आपको अपनी सेक्सुअलटी को समझने और स्वीकार करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा, जब आपको अपने गांव में अपने जैसे लोग नहीं मिले होंगे और आपको घर छोड़ना पड़ा होगा. लेकिन आपने आखिरकार खुद को स्वीकार कर लिया और अपने जैसे लोगों से मिलने की कोशिश की, भले ही इसका मतलब दूसरे शहर को पलायन करना रहा.

आप एक शहर से दूसरे शहर या यहां तक कि एक अलग देश या एक अलग महाद्वीप में भी जा सकते हैं, लेकिन आप खुद से नहीं भाग सकते. आप समलैंगिक होने से या एक खास तरह के शरीर से नहीं भाग सकते. आपके संपूर्ण व्यक्तित्व की स्वीकृति आपकी कामयाबी और स्थिरता के लिए जरूरी है.

जो लोग आपको शर्मिंदा करते हैं, वे अपनी खुद की असुरक्षाओं को उजागर करते हैं. इसे उनके शब्दों और कृत्यों से दूसरों को पहुंचने वाली चोट और दर्द को समझ पाने में उनकी असमर्थता के रूप में देखें. उनके अच्छा हो जाने की दुआ करें.

यहां तक कि जब आप जिंदगी में सब कुछ हासिल कर लेंगे, तब भी जब आप सुरक्षित लैंडिंग की कल्पना कर रहे होंगे, लोग आपके पैराशूट में छेद कर देंगे. उन्हें करने दीजिए. याद रखें कि आपके पास उड़ान भरने के लिए सिर्फ पैराशूट नहीं है, आपके पास छिपे हुए पंख भी हैं. यही समय है कि आप उनका इस्तेमाल करें.

वक्त के थपेड़ों के बीच से उड़ने के लिए अपने आत्म-स्वीकृति के पंखों का इस्तेमाल करें. आप आराम से सुरक्षित उड़ान भरेंगे.

चीजें बेहतर हो जाती हैं. हमेशा ऐसा ही होता है.

ढेर सारा प्यार

रेनबोमैन

अंतिम बातः चीजें तब बेहतर होंगी जब हम उनमें उलझने की बजाए उनका सामना करेंगे.

‘मेरे सिर्फ एक टेस्टिकल है, क्या मैं बाप बन सकता हूं?’

डियर रेनबोमैन,

मेरे सिर्फ एक टेस्टिकल (अंडकोष) है और मुझे दूसरे आम पुरुषों के समान स्पर्म होते हैं. लेकिन क्या मैं सामान्य हूं? मेरा बहुत जल्द एक महिला से शादी करने का इरादा है, क्या मैं बाप बन पाऊंगा?

मिस्टर एक

‘एग को फर्टिलाइज करने के लिए आपको सिर्फ एक स्पर्म की जरूरत होती है.’
‘एग को फर्टिलाइज करने के लिए आपको सिर्फ एक स्पर्म की जरूरत होती है.’
(फोटो: iStock)

डियर मिस्टर एक,

मुझे मेल लिखने के लिए शुक्रिया. हालांकि आपकी मेल में यह सवाल पूछना कि “क्या मैं सामान्य हूं?” बहुत साफ नहीं है, फिर भी मैं जवाब देने की कोशिश कर रहा हूं- मुझे लगता है कि आप एक ऐसे पुरुष हैं, जिसने पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाए हैं, लेकिन अब एक महिला से शादी करना चाहते हैं. पुरुष जब पुरुषों के साथ सेक्स करते हैं, तो कुछ भी असामान्य नहीं होता है. होमोसेक्सुअल (समलैंगिक)  सेक्स असामान्य नहीं हैं. हेट्रोसेक्सुअल (विषम-लैंगिक) सेक्स असामान्य नहीं हैं. एक्सपेरिमेंट करना असामान्य नहीं है. हालांकि, मेरा सुझाव है कि एक महिला से शादी करने से पहले आप खुद का आकलन करें और समझें कि आपकी सेक्सुअलटी क्या है?

टेस्टिकल के सवाल के बारे में, आपको बताना चाहूंगा कि मैं एक डॉक्टर नहीं हूं और ऐसे सवालों का जवाब एक डॉक्टर ही बेहतर दे सकता है. मैं केवल अपने अनुभव और जो दूसरों से जाना है, वही आपके साथ साझा कर सकता हूं. कृपया एक डॉक्टर से पुष्टि करें.

एग को फर्टिलाइज करने के लिए आपको सिर्फ एक स्पर्म की जरूरत होती है. आमतौर पर एक इजेकुलेशन में लाखों स्पर्म होते हैं.

एकदम सटीक जवाब पाने के लिए किसी डॉक्टर से मिलें.

मुस्कान के साथ

रेनबोमैन

अंतिम बातः आप अपनी सेक्सुअलटी के बारे में पक्का कर लेने के बाद ही शादी कीजिएगा कि आप वास्तव में क्या हैं.

‘क्या मेरा कॉलेज स्वीटहार्ट अब भी मुझे प्यार करता है?’

डियर रेनबोमैन,

मैं आपका बहुत बड़ा शैदाई हूं और आपसे सलाह लेना चाहता हूं. मैं कॉलेज के अपने क्रश और प्यार के बारे में आपको बताना चाहता हूं. मैं एक हॉस्टल में रहता था, जहां मेरे कमरे में सात दूसरे लड़के भी रहते थे. उनमें से एक लड़का बाकी लड़कों के मुकाबले बहुत बेचैन कर देता था. वह मुझसे बहुत अलग था. एक दिन, जब वह और मैं कमरे में अकेले थे और हम फिल्म ग्रेट ग्रैंड मस्ती देख रहे थे, हम थोड़ा अंतरंग हो गए. मैंने उसके हाथों को छुआ और धीरे से अपने होंठ उसके होठों के करीब ले आया. उसने मुझको रोका नहीं. मैंने भी खुद को रोका नहीं और हमने एक दूसरे को किस किया. उसके बाद, हमें और मौके मिले, एक चीजें आगे बढ़ती गईं और हमने सेक्स भी किया.

मैं सेक्स की बजाए पढ़ाई पर ध्यान देना चाहता था. जल्द ही मैंने खुद को उससे दूर करना शुरू कर दिया. जब मैं अपनी छुट्टियों के बाद कॉलेज लौटा, तो मैं उससे किनारा करने लगा. मुझे लगा कि “ये गलत है.” जब उसने मुझे मिलने के लिए फोन किया, तो मैंने उसका फोन नहीं उठाया. लेकिन हम फिर एक दिन मिले और हमारे बीच रिश्ते बने. हम बहुत करीब गए. लेकिन फिर अचानक वह दूरी बनाने लगा. मुझे नहीं पता कि किस वजह से उसने मेरा फोन उठाना बंद कर दिया. फिर, चार साल बाद, मैं कल उससे मिला. मेरा दिल हवाई जहाज से भी तेज दौड़ रहा था. हमने साथ में ड्रिंक लिया. और फिर हम अपने-अपने घर चले गए. मैं अब उसके बारे में सोचना बंद नहीं कर पा रहा हूं.

मेरी समस्या यह नहीं है कि वह मुझसे प्यार करता है या नहीं, समस्या यह है कि वह एक पुरुष है. अगर वह लड़की होता, तो मैं यह रिश्ता टूटने नहीं देता.

अब समस्या यह है कि मुझमें यह बताने का हौसला नहीं है कि मैं इतना सब हो जाने के बाद भी उसे प्यार करता हूं.

रेनबोमैन, आपके लिए सवाल यह है कि क्या मुझे उसे बताना चाहिए कि मैं अभी भी उससे प्यार करता हूं? इसके अलावा, क्या आप मुझे बता सकते हैं कि उसने मुझे क्यों छोड़ा? इसके पीछे क्या वजह रही होगी? क्या वह अब भी मुझसे प्यार करता है?

क्या वह इसलिए डरता है क्योंकि मैं एक पुरुष हूं और एक महिला नहीं हूं? आपके जवाब का बेसब्री से इंतजार रहेगा.

चिंतित लड़का

‘प्यार अजीब चीज है और प्यार करने वाले उससे भी ज्यादा अजीब होते हैं’
‘प्यार अजीब चीज है और प्यार करने वाले उससे भी ज्यादा अजीब होते हैं’
(फोटो: iStockphoto)

प्रिय चिंतित लड़के,

मुझे इतना खुलकर पत्र लिखने और अपनी बात साझा करने के लिए शुक्रिया. मुझे आपके लंबे सवाल को काट-छांट कर छोटा करना पड़ा और मेरा जवाब और भी काफी छोटा रहने वाला है, जिसके लिए मैं पहले ही माफी मांग लेता हूं.

‘प्यार अजीब चीज है और प्यार करने वाले उससे भी ज्यादा अजीब होते हैं.’

जब प्यार एक दूसरे से बात करता है, तो प्यार संपूर्ण होता है. प्रेम मौन में नहीं पलता है.

जिंदगी में सिर्फ प्यार काफी नहीं होता, प्यार और जज्बात के साथ बातचीत का सिलसिला भी चलता रहना चाहिए.

किसी भी रिश्ते में बातचीत सबसे जरूरी है. जितनी ज्यादा मजबूती से लोग अपनी गहरी ख्वाहिशों और जज्बात को जाहिर करते हैं, उतनी ही साफ चीजें हासिल होती हैं. मैं आपको नहीं बता सकता कि वह आपसे प्यार करता है या नहीं. इस बारे में सिर्फ वही बता सकता है.

मैं जानता हूं कि सामाजिक स्वीकृति पुरुषों के लिए महिलाओं के साथ संबंध बनाना आसान बनाती है बनिस्बत पुरुष के साथ पुरुष में- लेकिन मैं समलैंगिक पुरुषों के बीच लंबे समय तक चलने वाले कई मजबूत संबंधों के बारे में जानता हूं. मैं कई स्ट्रेट दोस्तों के बारे में भी जानता हूं, जिनकी रिलेशनशिप बहुत कम समय चली.

अंत में, यह सब रिश्ते बनाने वाले लोगों पर निर्भर करता है. प्यार सभी पूर्वाग्रहों से लड़ सकता है. प्यार हर दिल को जीत सकता है.

आप जिससे प्यार करते हैं, उससे बात करें. उससे पूछें कि वह क्या सोचता है. उससे बात करें. उसकी तरफ से समझें. अपना दिल और दिमाग खोल कर उसे अपना दिल और दिमाग खोल कर रख देने के लिए प्रोत्साहित करें.

मैं जानता हूं कि वर्जित प्यार करना आसान नहीं है, लेकिन प्यार सहज है, प्यार प्राकृतिक है. अगर आप किसी को चाहते हैं, तो शक और नाप-तौल को किनारे रखकर उसे प्यार करें.

उससे बात करें. उसे बताएं कि आप क्या सोचते हैं.

मुस्कान,

रेनबोमैन

अंतिम बातः अंदाजा लगाने की बजाए बहादुरी से पूछने का विकल्प चुन कर देखें.

(लोगों की पहचान सुरक्षित रखने के लिए नाम और कुछ ब्योरे परिवर्तित कर दिए गए हैं. आप भी अपने सवाल sexolve@thequint.com पर भेज सकते हैं.)

(हरीश अय्यर एलजीबीटी कम्युनिटी, महिलाओं, बच्चों और जानवरों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समान अधिकार एक्टिविस्ट हैं.)

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