दिल को दुरुस्त रखना है तो कम उम्र से ही अपनाएं ये 6 उपाय
दिल की बीमारियों से बचने के उपाय.
दिल की बीमारियों से बचने के उपाय.(फोटो:iStock )

दिल को दुरुस्त रखना है तो कम उम्र से ही अपनाएं ये 6 उपाय

भारत में हर साल दिल की बीमारियों के कारण करीब 30 लाख लोगों की मौत हो जाती है. पिछले कई साल में 20 से 30 की उम्र के लोगों में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं.

20 साल की उम्र में किसी को दिल की बीमारी, हमें हैरान कर सकती है, लेकिन अब ये कोई नई बात नहीं रह गई है. ये आपके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, लेकिन ध्यान रखें, इस उम्र में भी आपको दिल की बीमारियां हो सकती हैं.

साल 2015 में मेट्रोपॉलिटिन शहरों के 20 से 39 साल के लोगों के बीच हृदय संबंधी रोगों के बारे में एसोचेम ने एक स्टडी की, जिसमें पाया गया कि इस उम्र के करीब 75 प्रतिशत लोगों में हृदय रोग होने के एक से अधिक कारण मौजूद हैं.

हृदय रोगों की ओर हमारी जीन में पाई जाने वाली टेंडेंसी और निष्क्रिय जीवनशैली मिलकर हमें हार्ट अटैक की ओर ले जाते हैं.

यहां कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें 20 की उम्र से ही अपना कर आप स्वस्‍थ जीवन पा सकते हैं:

1. अच्छा खाएं

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखना जरूरी होता है
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखना जरूरी होता है
( फोटो:Tumblr/DISNEY )

अगर आपके शरीर का वजन नियंत्रण में है, तो इससे कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रहता है, ग्लूकोज और ब्लडप्रेशर का स्तर ठीक रखता है. थोड़ा प्रोटीन, पूरा अनाज और ताजा फल खाएं. इंस्टेंट का लेबल लगा हुआ या पैक्ड फूड आपके किचन में नहीं होना चाहिए. यहां तक कि बोतलबंद ड्रिंक्स, जंक फूड और नमकीन से भी दूर रहें.

2. थोड़ा पसीना बहाएं

हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट सामान्य व्यायाम करना चाहिए
हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट सामान्य व्यायाम करना चाहिए
(फोटो: Tumblr/PilatesLove )

आपको क्या करना है, क्या नहीं, इससे आपके जीवन की गुणवत्ता तय होती है. आपको किसी फैंसी जिम का मेंबर बनने की जरूरत नहीं है. हृदय रोग के खतरे को बढ़ाने में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले तीन कारकों- ब्लडप्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के खतरे को कम करने के लिए तेज चलना भी दौड़ने के जितना ही अच्छा होता है.

अमेरिकी हार्ट एसोसिएशन की सलाह के मुताबिक, दिल को हेल्दी रखने के लिए हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट सामान्य व्यायाम करना चाहिए या 75 मिनट तक जोरदार तरीके से व्यायाम करना चाहिए (या हल्के और कठोर व्यायाम को मिलाकर करना चाहिए).

3. धूम्रपान न करें



धूम्रपान करने वालों में धूम्रपान न करने वालों की अपेक्षा हृदय रोग होने का तीन गुना खतरा होता है
धूम्रपान करने वालों में धूम्रपान न करने वालों की अपेक्षा हृदय रोग होने का तीन गुना खतरा होता है
( फोटो:Tumblr/Adult Swim )

धूम्रपान करने वालों में धूम्रपान न करने वालों की तुलना में हृदय रोग होने का खतरा तीन गुना ज्‍यादा होता है. न्यू इंग्लैंड जर्नल मेडिसिन में पब्लिश एक अध्ययन के अनुसार, अगर आप स्मोकर्स के ग्रुप में रहते हैं, तो हृदय रोग होने की संभावना 25 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.

4. अपनी फैमिली ट्री के बारे में जानें

अपने वंश वृक्ष को जानना भी जरूरी है
अपने वंश वृक्ष को जानना भी जरूरी है
( फोटो:Tumblr/Empire FOX )

वर्ल्ड हार्ट फेडेरेशन का कहना है कि अगर फर्स्ट डिग्री मेल रिलेटिव (पिता या भाई) में से किसी को 55 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक आया है या फिर आपके फर्स्ट डिग्री फिमेल रिलेटिव में से किसी को 65 साल की उम्र से पहले हार्ट अटैक आया है, तो आपको हृदय रोग होने का खतरा बहुत अधिक होता है.

अगर आपके माता-पिता 55 साल से कम उम्र में हृदय रोग से प्रभावित रहे हैं, तो आपको दिल की बीमारियां होने की आशंका दूसरे लोगों से 50 प्रतिशत ज्यादा होती है.

अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडिएट्रिक्स भी इस बात की सलाह देता है कि अगर आपके परिवार के पुरुष सदस्यों में 55 साल से कम उम्र में और महिला सदस्यों में 65 साल से कम उम्र में हृदय रोग होते रहे हैं, तो उस परिवार के बच्चों को 10 साल से कम उम्र में कोलेस्ट्रोल की जांच करानी चाहिए.

5. तनाव कम करें

तनाव दूर करने के उपाय अपनाएं
तनाव दूर करने के उपाय अपनाएं
( फोटो:Tumblr/DESTRESSMONDAY)

तनाव सीधे तौर पर हार्ट अटैक का कारण नहीं बनता है. लेकिन अचानक अत्यधिक तनाव कभी-कभी कार्डियोमियोपैथी (ब्रोकेन हार्ट सिंड्रोम) का कारण बन सकता है, जो हार्ट अटैक के बहुत करीब होता है. उसमें स्वास्थ्य की जांच कराने की जरूरत होती है. इसलिए अपने तनाव को कम करें तथा सीधे तौर पर हार्ट अटैक का कारण बनने वाले ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें.

6. जानें अपनी सेहत का हाल

अच्छे स्वास्थ्य के लिए सबसे पहला कदम यही होता है कि आप अपने स्वास्थ्य की जानकारी लें. इसके लिए एक महत्वपूर्ण बात है कि आप आपने हेल्थ नंबर्स को जानें. अपने लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर लेवल, ब्लड प्रेशर लेवल की जांच कराते रहें. अपने फिजिकल चेकअप के माध्यम से आप यह जान सकते हैं कि कहीं आप हृदय संबंधी रोग की ओर तो नहीं बढ़ रहे.

याद रखें, जीवन के हर पड़ाव पर आप हृदय संबंधी रोगों के खतरे को कम करने के लिए कुछ न कुछ जरूर कर सकते हैं.

(डॉ. नीलेश गौतम, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट के सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और प्रिवेंटिव कार्डियलॉजी एंड रिहैब्लिटेशन विभाग के अध्यक्ष हैं.)

(ये आर्टिकल सबसे पहले सितंबर, 2016 में प्रकाशित किया गया था.)

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