दिल से जुड़ी वो 7 बातें, जो बायोलॉजी की क्लास में नहीं पढ़ाई गईं
दिन में एक लाख से अधिक बार धड़कता है दिल.
दिन में एक लाख से अधिक बार धड़कता है दिल. (फोटो: iStock)

दिल से जुड़ी वो 7 बातें, जो बायोलॉजी की क्लास में नहीं पढ़ाई गईं

क्या आप जानते हैं जब गायकों का समूह एक साथ गाता है, तो उनके दिल धड़कने की गति भी समान हो जाती है? और ये कि आपका दिल दिन में एक लाख से अधिक बार धड़कता है. यह साल में 3.5 करोड़ बार और जीवन भर में करीब 2.5 अरब से अधिक बार धड़कता है.

आइये जानते हैं, शरीर में सबसे अधिक काम करने वाले मसल्स के बारे में कुछ रोचक तथ्य.

1. सीने की बाईं तरफ नहीं होता ये दिल

हमारा दिल छाती के बीच में है
हमारा दिल छाती के बीच में है
(फोटो: द क्विंट)

हम में से ज्यादातर लोगों को जब फिल्मी स्टाइल में प्यार का इजहार करना होता है, तब अपना दायां हाथ छाती की बायीं तरफ रखते हैं. वास्तव में हमें अपने हाथ को अपने सीने के बीच में रखना चाहिए क्योंकि हमारा दिल यहीं है. हमारा दिल छाती के बीच में है, दायें और बाएं फेफड़े के बीच में कहीं. हालांकि, यह हल्का सा बायीं तरफ झुका हुआ है.

2. रेड वाइन ब्लड प्रेशर कम और फैट बर्न करता है

दिन में एक ग्लास रेड वाइन पीने से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है. चीयर्स! 
दिन में एक ग्लास रेड वाइन पीने से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है. चीयर्स! 
(फोटो:यूट्यूब / क्विंट)

रेड वाइन के चाहने वालों, खुश हो जाओ. मर्लो (ब्लैक वाइन का एक प्रकार) का एक गिलास एक घंटे जिम करने के बराबर है. यह खून के थक्के जमने को कम करता है, जिससे दिल की बीमारियों के खतरे कम हो जाते हैं. लेकिन इसमें सावधानी रखने की जरूरत है कि इसे कम मात्रा में ही लिया जाए. ये हफ्ते में सिर्फ 4 से 5 ग्लास तक लिया जा सकता है.

इस तथ्य के बावजूद रेड वाइन एक एल्कोहॉलिक बेवरेज तो है ही, जो वास्तव में हमारे शरीर के लिए बहुत ठीक नहीं है.

3. 30 फीट तक खून की तेज धार फेंक सकता है दिल

(फोटो:यूट्यूब / क्विंट)

यह बिल्कुल डेक्सटर-मॉर्गन (एक काल्पनिक पात्र) की तरह का पागलपन है!

यह जितना लगता है, उतना ही सच है. आपके पैरों की उंगलियों से लेकर दिमाग तक खून पहुंचाने का काम काफी प्रेशर वाला है, इसलिए आदमी के दिल को ये टास्क करने के लिए मजबूत रहना जरूरी है. लेकिन 30 फीट डबल डेकर बस की ऊंचाई से भी दोगुनी है!

ये भी पढ़ें : इस ‘दिल’ के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में करें ये 10 हेल्दी बदलाव

4. आपके दिल में अधिकतर पानी है!

शरीर में पानी की कमी न होने देने की एक और वजह.
शरीर में पानी की कमी न होने देने की एक और वजह.
(फोटो: Giphy) 

ये आपके शरीर के अंदर एक समुद्र जैसा है!

वास्तव में आपका दिल और यहां तक कि दिमाग का तीन-चौथाई हिस्सा पानी से बना है. लेकिन भगवान का शुक्र है कि ये मेरे वजन को जस्टिफाइ करता है.

5. दिल के लिए फायदेमंद है अच्छी सेक्स लाइफ

यह दिल के लिए एक वर्कआउट की तरह है
यह दिल के लिए एक वर्कआउट की तरह है
(फोटो: द क्विंट)

ऑर्गेज्म. इससे आपका दिल तेजी से धड़कना शुरू कर देता और खून की रफ्तार बढ़ जाती है. लेकिन अभी यह कोई ऑफिशियल ओलंपिक इवेंट नहीं है. खैर, साल 2010 में अमेरिकी जर्नल ऑफ कार्डियोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया था कि जो व्यक्ति सप्ताह में कम से कम दो बार सेक्स करता है, उसे दिल की बीमारी होने का खतरा महीने में एक बार सेक्स करने वाले व्यक्ति की तुलना में कम होता है.

सेक्स का फायदा ये है कि यह दिल के लिए एक वर्कआउट की तरह है. एक अच्छी सेक्स लाइफ पुरुषों के लिंग में तनाव या कड़ापन नहीं होने की समस्या और महिलाओं में यौन अक्षमता को दूर करती है.

6. जब दिल को ठेस लगती है, तो सच में चोटिल होता है दिल

सोशल रिजेक्शन का फर्क पड़ता है.
सोशल रिजेक्शन का फर्क पड़ता है.
(फोटो: iStock) 

व्यक्ति प्यार से प्यार करता है.

नापसंदगी या अस्वीकृति न सिर्फ दिल तोड़ने वाली होती है, बल्कि ये हार्ट रेट में भी कमी लाती है. नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने यह साबित किया है कि निराशा महसूस होने के कारण कुछ समय या लंबे समय के लिए भी हार्ट रेट कम हो सकती है.

अंत में: रिजेक्शन फील हो जाने से मानसिक और शारीरिक प्रतिक्रियाएं भी जाहिर हो सकती हैं.

7. हां, टूटता भी है ये दिल (ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम)

हार्ट अटैक जैसे होते हैं ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षण
हार्ट अटैक जैसे होते हैं ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम के लक्षण
(फोटो: iStock)

ब्रेक-अप का दर्द सिर्फ आपके सिर में नहीं होता है. हालांकि, ब्रेक-अप रोलर कोस्टर नहीं है, लेकिन ऐसा लगता है कि आप रोलर कोस्टर के अंदर ही हैं.

कोई भी व्यक्ति जिसने वास्तव में दिल टूटने का अनुभव किया होगा, वह जानता है कि यह सिर्फ एक नाटकीय शब्द नहीं है. इसमें उदासी के साथ दर्द व असहजता महसूस होती है, लेकिन सामान्य तौर पर यह चिंताजनक नहीं होता है.

ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम को स्ट्रेस कार्डियोमायोपैथी के रूप में भी जाना जाता है. इसमें अधिक दुखद स्थिति में हृदय की मांसपेशियां अचानक कमजोर हो जाती हैं. इसके लक्षण बिल्कुल हार्ट अटैक जैसे ही हैं. इसमें सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द और ब्लड प्रेशर में कमी हो जाती है. जहां हार्ट अटैक में दिल स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो जाता है, वहीं ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम का प्रभाव अस्थायी होता है.

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(ये आर्टिकल सबसे पहले 29 सितंबर 2015 को प्रकाशित किया गया था.)

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