दिल की बीमारी के 5 ऐसे संकेत जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है
पिछले कुछ सालों में 20 और 30 की उम्र तक के लोगों में दिल का दौरा पड़ने के मामलों में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है.
पिछले कुछ सालों में 20 और 30 की उम्र तक के लोगों में दिल का दौरा पड़ने के मामलों में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है.(फोटो:iStock/Altered by FIT)

दिल की बीमारी के 5 ऐसे संकेत जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है

दिल की बीमारियों के कारण सबसे ज्यादा मौतें भारत में होती हैं और अब ऐसा भी नहीं है कि दिल की बीमारियां सिर्फ उम्रदराज लोगों को होती हों.

एसोचैम के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में 20 और 30 की उम्र तक के लोगों में दिल का दौरा पड़ने के मामलों में पांच गुना बढ़ोतरी हुई है.

इससे भी बुरी बात ये है कि डॉक्टरों के मुताबिक हर 3 में से 1 शख्स में दिल की बीमारी के संकेतों को उम्रदराज होने का लक्षण मानकर, उस पर ध्यान नहीं दिया जाता.

आमतौर पर हम हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल लेवल में बढ़ोतरी, डायबिटीज और मोटापे को ही दिल की बीमारियों का संकेत समझते हैं.

लेकिन इनके अलावा भी कुछ ऐसे लक्षण हैं, जो दिल की बीमारियों का संकेत देते हैं.

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इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) दिल की बीमारी का एक बड़ा चेतावनी संकेत है
इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) दिल की बीमारी का एक बड़ा चेतावनी संकेत है
(फोटो:Giphy)

यौन अक्षमता पर कोई आधिकारिक आंकड़े तो नहीं हैं क्योंकि कोई भी शख्स इसके बारे में बात नहीं करना चाहता. कतई नहीं.

पुरुषों को हमेशा अपने बारे में सोचना अच्छा लगता है कि कामदेव ने उन्हें सांड जैसी शक्ति का आशीर्वाद दिया है. लेकिन अगर किसी कारण से, वह सांड जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाता है, तो यह वास्तविक स्वास्थ्य समस्या हो सकती है न कि रिलेशनशिप में रुचि की कमी.

इरेक्टाइल डिसफंक्शन (स्तंभन दोष) दिल की बीमारी का एक बड़ा चेतावनी संकेत है- असल में दोनों में इतना गहरा संबंध है कि डॉक्टर अक्सर कहते हैं, अगर आपको दोनों में से एक समस्या है, तो भविष्य में दूसरी दिक्कत होगी. 

दोनों बीमारियां रक्त वाहिकाओं की भीतरी परत पर प्लैक जमने से होती हैं, जिससे सही मात्रा में रक्त आपूर्ति मुश्किल हो जाती है. इसलिए अपने जीवन में इनमें से कोई भी एक समस्या होने पर लापरवाही न बरतें, डॉक्टर से बात करें, नियमित एक्सरसाइज करें और ठीक से इलाज कराएं.

पुरुष में परंपरागत पैटर्न का गंजापन

ज्यादातर मामलों में, बाल झड़ने का कारण हाई ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग और डायबिटीज होता है.
ज्यादातर मामलों में, बाल झड़ने का कारण हाई ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग और डायबिटीज होता है.
(फोटो:Tumbler)

30 साल की उम्र तक लगभग 30% पुरुषों में- जीन, स्ट्रेस, प्रदूषण, लाइफ स्टाइल जैसी वजहों से बालों की समस्या होती है. ये भी दिल के रोग होने का संकेत हो सकता है.

ये जोखिम केवल पुरुषों में परंपरागत गंजेपन से है, जिसमें बाल बीच में से झड़ना शुरू होते हैं. इसका संबंध आमतौर पर बाल कम होने से नहीं है.

प्रतिष्ठित ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित 2013 के एक शोध में बीते दो दशकों में लगभग 40,000 लोगों पर किए गए पिछले छह अध्ययनों का विश्लेषण किया गया और पाया गया कि आम पुरुष पैटर्न के गंजेपन वाले पुरुषों में उनके समकक्षों की तुलना में 30% से 40% हृदय रोग का खतरा ज्यादा होता है.

इस संबंध का कारण साफ नहीं है, लेकिन यह टेस्टोस्टेरोन और रक्त आपूर्ति के बीच जटिल संबंध के कारण हो सकता है या यह कि ज्यादातर मामलों में, बालों के झड़ने का कारण हाई ब्लड प्रेशर, स्मोकिंग और डायबिटीज होता है.

शुरुआती चेतावनी के तौर पर आइने को ध्यान से देखें कि क्या कुछ गड़बड़ है.

सांस लेने में परेशानी

(फोटो:Tumbler)
अगर आपको दो मंजिल की सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस लेने के लिए रुकना पड़ता है, अगर सोते वक्त तेज खांसी के साथ सांस लेने में दिक्कत होती है और नींद खुल जाती है, तो यह एक संकेत हो सकता है कि आपका दिल फेफड़ों के लिए सामान्य तरीके से रक्त पंप नहीं कर रहा है.

ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और प्रिवेंटिव हार्ट चेकअप करा लेना चाहिए.

एक्सरसाइज के दौरान लगातार जम्हाई लेना

(फोटो सौजन्य: Tumblr/wifflegif)

जम्हाई उन शुरुआती चीजों में से एक है, जिसे हम सबसे पहले करना सीखते हैं. हम अनजाने में, कभी भी और पूरी तरह से बेख्याली में जम्हाई लेते हैं. जबकि विज्ञान पूरी तरह से समझ नहीं सका है कि हम जम्हाई क्यों लेते हैं, एक बात साफ है कि- दिमाग को ठंडा रखने के लिए यह एक आंतरिक मैकेनिज्म है.

लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि, अगर आप काम के दौरान अनियंत्रित रूप से जम्हाई लेते हैं, तो यह हार्ट की समस्या का संकेत हो सकता है और आपका इन-बिल्ट कूलिंग सिस्टम ठप हो गया है. शायद डॉक्टर को खबर करने का समय आ गया है?

खड़े होने पर चक्कर आ जाना

चक्कर आने का कारण दिल से जुड़ी समस्या होना जरूरी नहीं है, लेकिन चक्कर आना धमनी में अवरोधों, जो ब्लड प्रेशर को कम करता है, के कारण भी हो सकता है. 
चक्कर आने का कारण दिल से जुड़ी समस्या होना जरूरी नहीं है, लेकिन चक्कर आना धमनी में अवरोधों, जो ब्लड प्रेशर को कम करता है, के कारण भी हो सकता है. 
(फोटो:iStock/altered by Quint) 

ज्यादातर मामलों में, चक्कर आना किसी ऐसे कारण से नहीं होता, जो जीवन के लिए खतरनाक हो, लेकिन अगर आप हल्की बेहोशी जैसा महसूस करते हैं या बैठे रहने के बाद खड़े होने पर दिमाग में झटका सा लगता है, तो इसे कुछ नहीं है, कह कर खारिज ना करें. यह ब्लडप्रेशर में तेजी से गिरावट के कारण हो सकता है, ऐसी दशा जिसे ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन कहा जाता है.

अगर सामान्य लक्षणों- डिहाइड्रेशन और थकान को खारिज कर दिया जाता है, डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसे जोखिम कारकों के साथ मिलकर ऑर्थोस्टैटिक हाइपोटेंशन हार्ट अटैक का कारण बन सकता है.

यह ध्यान देना चाहिए कि इनमें से कोई भी अकेला लक्षण यह तय नहीं करता है कि आप हार्ट डिजीज के निश्चित शिकार हैं, लेकिन ये अनोखे चिकित्सा संकेत हैं, जो इशारा दे सकते हैं कि आगे राह मुश्किल भरी है. बात जब आपके दिल की हो, तो दुर्घटना से पहले चेत जाने में ही भलाई है.

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