ADVERTISEMENTREMOVE AD

फिट वेबकूफ: फर्जी है पैरासिटामोल में ‘माचुपो’ वायरस होने की खबर

नहीं, पैरासिटामोल के कारण आप माचुपो वायरस से संक्रमित नहीं होंगे.

Updated
story-hero-img
i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

दावा

सोशल मीडिया पर वायरल एक मैसेज में लोगों को सलाह दी गई है कि उन पैरासिटामोल टेबलेट्स का इस्तेमाल न करें, जिन P-500 लिखा हो.

मैसेज में कहा गया है:

कृपया ये पैरासिटामोल न खाएं न खरीदें जिस पर P-500 लिखा हो, इसमें एक जहरीला वायरस पाया गया है जो दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में से एक है. यह जानकारी सभी को भेजें. 
ADVERTISEMENTREMOVE AD

गलत है ये दावा!

माचुपो वायरस, जिसे 'बोलिवियन हेमरैजिक फीवर (BHF) वायरस' के नाम से भी जाना जाता है, अब तक इसके बारे में सिर्फ साउथ अमेरिका में ही पता चला है. ये वायरस संक्रमित चूहों या गिलहरी (कतरने वाले जानवरों) के लार, मल और मूत्र के सीधे संपर्क से फैलता है.

भारत में माचुपो वायरस का कोई मामला नहीं

क्विंट से बात करते हुए सेंटर फॉर डिजीज डायनेमिक्स, इकोनॉमिक्स एंड पॉलिसी की डॉ ज्योति जोशी जैन ने बताया कि भारत में माचुपो वायरस का अब तक कोई मामला नहीं देखा गया है.

डॉ जैन के मुताबिक दवाइयों के निर्माण को लेकर भारत सरकार की सख्त क्वालिटी कंट्रोल को देखते हुए माचुपो वायरस की मौजूदगी के बारे में पता न चले, ऐसा नहीं हो सकता.

हमारे पास एक बहुत ही सख्त क्वालिटी कंट्रोल प्रोसेस है और भारत में फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री गुड मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP) सिस्टम का पालन करती है.
डॉ ज्योति जोशी जैन

उन्होंने कहा कि जैसा मैसेज में पैरासिटामोल टैबलेट्स के दूषित होने की बात कही गई, अगर ऐसा कुछ होता तो इंडियन फार्माकोपिया कमीशन जरूर इसकी रिपोर्ट करती. इंडियन फार्माकोपिया कमीशन भारत में सभी दवाइयों के मैन्यूफैक्चर, बिक्री और इस्तेमाल के लिए रेगुलेटरी अथॉरिटी है.

साउथ-ईस्ट एशिया में भी फैली थी यही अफवाह

इंडोनेशिया का ड्रग एंड फूड एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट भी एक एडवाइजरी जारी कर इस दावे को गलत बता चुका है.

8 फरवरी 2017 को, मलेशियाई सरकार की ओर से कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय को संबंधित अधिकारियों या किसी दूसरे देश से पैरासिटामोल संदूषण के बारे में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है.

सिंगापुर ने, 2 अगस्त 2017 को, इस मैसेज को गलत करार दिया था.

एक हेल्थ एडवाइजरी जारी करते हुए हेल्थ साइंसेज अथॉरिटी (HSA) ने कहा:

HSA आश्वासन देता है कि मैसेज में दी गई चेतावनी सही नहीं है और चिंता का कारण नहीं है. जिसे भी ये मैसेज मिले, उसे इसे दूसरों को फॉरवर्ड नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें कही गई बातें सही नहीं हैं. 
ADVERTISEMENTREMOVE AD

एडवाइजरी:

नहीं, पैरासिटामोल के कारण आप माचुपो वायरस से संक्रमित नहीं होंगे. हालांकि दवाइयों का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल यहां तक कि ओवर-द-काउंटर यानी बिना प्रिस्क्रिप्शन के भी खरीदे जा सकने वाले पेनकिलर्स लेने की सलाह नहीं दी जाती है. पैरासिटामोल के ओवरडोज से लिवर डैमेज होने, ब्लड प्रेशर बढ़ने, अल्सर और सेहत से जुड़ी दूसरी दिक्कतें हो सकती हैं. अगर किसी प्रेस्क्राइब्ड मेडिसिन लेने से कोई प्रतिकूल प्रभाव दिखता है, तो अपनी शिकायत जरूर दर्ज कराएं.

(ये स्टोरी 03.08.18 को द क्विंट पर पब्लिश की गई थी, जिसे फिट हिंदी के लिए अनुवाद किया गया है.)

(क्या कोई ऑनलाइन पोस्ट आपको गलत लग रही है और उसकी सच्चाई जानना चाहते हैं? उसकी डिटेल 9910181818 वॉट्सएप पर भेजें या webqoof@thequint.com पर मेल करें. हम उसकी सच्चाई आप तक पहुंचाएंगे.)

Published: 
Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×