दुनिया भर में बढ़ रही है मायोपिया से ग्रस्त लोगों की तादाद
भारत में 5 से 15 आयुवर्ग के बच्चों में हर 6 में से 1 इस समस्या से ग्रस्त है.
भारत में 5 से 15 आयुवर्ग के बच्चों में हर 6 में से 1 इस समस्या से ग्रस्त है.(फोटो: iStock)

दुनिया भर में बढ़ रही है मायोपिया से ग्रस्त लोगों की तादाद

क्या आपको भी दूर की चीजें धुंधली दिखाई देने लगी हैं? टीवी पर क्या लिखा आ रहा है, ये दूर से साफ नहीं दिखाई देता? ऐसा मायोपिया यानी निकट दृष्टि दोष की वजह से हो सकता है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है, जिन्हें दूर की चीजें देखने में दिक्कत होती है.

अमेरिका में मायोपिया की समस्या अब महामारी की हद तक बढ़ रही है. नेशनल आई इंस्टीट्यूट के डेटा के मुताबिक 42% अमेरिकी इसकी जद में हैं, जो 1971 में 25 प्रतिशत तक सीमित थे.

वहीं दिल्ली के एम्स ने एक अध्ययन में बताया था कि भारत में 5 से 15 आयुवर्ग के बच्चों में हर 6 में से 1 इस समस्या से ग्रस्त है. 

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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भी कहा जा चुका है कि भारत जैसे जिन देशों में ये समस्या पहले बहुत कम रही है, वहां 2050 तक यह बहुत बढ़ जाएगी.

निकट दृष्टि दोष आम तौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को ज्यादा होता है और ये काला मोतिया रोग (ग्लूकोमा) और आंशिक अंधेपन जैसी आंखों की समस्याओं का कारण बन सकता है. 
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कई स्टडीज में बताया गया है कि बच्चों को फोन से दूर रखने, घर से बाहर के खेल-कूद के लिए प्रोत्साहित करने से इस समस्या पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है.

(इनपुट- भाषा)

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