देश में 26 साल में 150% बढ़े डायबिटीज के मामले: लैंसेट
डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है
डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है(फोटो: iStock)

देश में 26 साल में 150% बढ़े डायबिटीज के मामले: लैंसेट

दुनिया में डायबिटीज की राजधानी कहे जाने वाले हमारे देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिनोंदिन और भी बढ़ती जा रही है. 26 साल (1990 से 2016 तक) में डायबिटीज रोगियों की संख्या में 150 फीसदी का इजाफा हुआ है.

1990 में जहां डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या 2.6 करोड़ थी, वो 2016 में बढ़कर 6.5 करोड़ हो गई मतलब 3.9 करोड़ रोगी बढ़ गए. ये बात मेडिकल जर्नल लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन में सामने आई है.

यही नहीं, डायबिटीज की वजह से मौत की दर में 131 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

अध्ययन में बताया गया है कि डायबिटीज के मामलों में ज्यादा वृद्धि कम विकसित राज्यों में देखी गई है. उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड उन राज्यों में हैं, जहां डायबिटीज के मामलों में 1990 से लेकर 2016 तक सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. 

है. ये अध्ययन काफी दिलचस्प है क्योंकि डायबिटीज को हमेशा से लाइफस्टाइल और खाने की गुणवत्ता से जोड़ा जाता रहा है.

लेकिन डायबिटीज तमिलनाडु व केरल जैसे दक्षिणी राज्यों और दिल्ली में ज्यादा है.

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR), दिल्ली में पेपर प्रेजेंट करते हुए मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन के डॉक्टर विश्वनाथन मोहन ने कहा:

ये खतरनाक महामारी तब तक जारी रहेगी, जब तक कि हम बचाव के कदम नहीं उठाएंगे और डायबिटीज से आसानी से बचा जा सकता है.

इस अध्ययन में शहरी, ग्रामीण, अमीरी या गरीबी जैसे कारकों पर अलग से टिप्पणी नहीं की गई है. लेकिन 2017 में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक ये बीमारी शहरी गरीब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है.

डायबिटीज के बढ़ने की वजह क्या है?

डॉ विश्वनाथन मोहन का कहना है कि जाहिर तौर पर मोटापा बढ़ रहा है और डायबिटीज के पीछे मुख्य वजह यही है, जिसे कार्डियोवैस्कुलर बीमारी माना जाता है.

मौजूदा जीवनशैली के कारण लोगों में मोटापा बढ़ रहा है
मौजूदा जीवनशैली के कारण लोगों में मोटापा बढ़ रहा है
(फोटो: iStock)
जरूरत से ज्यादा वजन में बढ़ोतरी, असंतुलित व अनहेल्दी आहार, शारीरिक सक्रियता में कमी, तंबाकू का इस्तेमाल और साथ ही वायु प्रदूषण जैसे बाहरी कारक इसके जिम्मेदार हैं.

पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन, आहार में फल व सब्जियां शामिल न करना और सुस्त जीवनशैली ही इसके कारक हैं.

वहीं प्रदूषण हमारे शरीर की कोशिकाओं को इस तरह प्रभावित करता है कि जिससे डायबिटीज और अन्य कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का खतरा बढ़ता है.

डायबिटीज से कैसे बचा जाए?

डॉ मोहन के मुताबिक कुछ आसान उपायों को अपनाकर हम डायबिटीज से बच सकते हैं.

  • कार्बोहाइड्रेट में कटौती करें.
  • शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं (रोजाना 30 मिनट तक टहलें.)
  • खाने में ज्यादा हरी सब्जियां लें और हेल्दी डाइट अपनाएं.
रोजाना 30 मिनट तक टहलें
रोजाना 30 मिनट तक टहलें
(फोटो: iStock)

ये उपाय डायबिटीज होने के बाद या वयस्क होने के बाद ही नहीं बल्कि बचपन से किए जाने चाहिए.

"स्कूलों में खेल के मैदान बनाए जाएं, हेल्दी खानपान की आदत और स्वस्थ जीवनशैली की बच्चों में आदत डाली जाए."

डॉ मोहन कहते हैं कि यही उपाय डायबिटीज के मामलों में 32 फीसदी तक की कमी ला सकते हैं.

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