चीन में ‘ऑक्यूपेशनल डिजीज’ के करीब 10 लाख मामले
‘ऑक्यूपेशनल डिजीज’ कोई भी क्रोनिक बीमारी है, जो काम या व्यावसायिक गतिविधि के परिणामस्वरूप होती है.
‘ऑक्यूपेशनल डिजीज’ कोई भी क्रोनिक बीमारी है, जो काम या व्यावसायिक गतिविधि के परिणामस्वरूप होती है. (फोटो: iStock)

चीन में ‘ऑक्यूपेशनल डिजीज’ के करीब 10 लाख मामले

चीन की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018 के अंत तक ऑक्यूपेशनल डिजीज (पेशे के कारण होने वाली बीमारी) के लगभग 9,70,000 मामले पाए गए, जिनमें 90 प्रतिशत मामले न्यूमोकोनियोसिस (मुख्यत: खांसी और सांस लेने में परेशानी के लक्षण) के थे.

‘ऑक्यूपेशनल डिजीज’ कोई भी क्रोनिक बीमारी है, जो काम या व्यावसायिक गतिविधि के परिणामस्वरूप होती है. यह व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य का एक पहलू है.

ये आंकड़े चीन के स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस ने दिए हैं.

एक अध्ययन के अनुसार, 90 करोड़ चीनी कर्मियों में से 2.5 करोड़ कर्मी हर साल कार्यस्थल पर होने वाली बीमारियों से पीड़ित होते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा लोग न्यूमोकोनियोसिस से पीड़ित होते हैं.

न्यूमोकोनियोसिस लंबे समय तक रहने वाली और जानलेवा बीमारी है, जिसमें धूल और छोटे कड़ों के अंदर जाने से फेफड़े प्रभावित होते हैं.

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के उपनिदेशक ली बिन के हवाले से कहा कि पैनल संबंधित विभागों के साथ साझेदारी कर न्यूमोकोनियोसिस की रोकथाम और इलाज का प्रयास करेगा.

ली ने इसके मरीजों को बीमारी के कारण आर्थिक विपन्नता से बचाने के लिए मेडिकल बीमा, मेडिकल सहयोग और जीविका में सहयोग करने के प्रयासों पर भी जोर दिया.

उन्होंने कहा कि आयोग कानून, सरकारी पर्यवेक्षण और पेशेवर स्वास्थ्य प्रशिक्षण में सुधार लाकर श्रम स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए भी प्रयास करेगा.

ली ने कहा कि कुल 10 प्रकार की 132 बीमारियों को चीन में ऑक्यूपेशनल बीमारियों की श्रेणी में रखा गया है. उन्होंने कहा कि अन्य पेशेवर खतरों में जहर, शोर और रेडिएशन पर भी नियंत्रण होना चाहिए.

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