एयर पॉल्यूशन के हानिकारक प्रभावों को कम कर सकती है एस्प्रिन: स्टडी
हालांकि हमें कोई भी दवा खुद से नहीं लेना चाहिए.
हालांकि हमें कोई भी दवा खुद से नहीं लेना चाहिए.(फोटो: iStock)

एयर पॉल्यूशन के हानिकारक प्रभावों को कम कर सकती है एस्प्रिन: स्टडी

दर्द, फीवर और इंफ्लेमेशन की दिक्कतों में ली जाने वाली एस्प्रिन एयर पॉल्यूशन के हानिकारक असर को घटाने में मददगार हो सकती है.

अमेरिकन जर्नल ऑफ रेस्पिरेटरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन में पब्लिश हुई एक स्टडी के मुताबिक एस्प्रिन जैसे नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDS) वायु प्रदूषण से फेफड़ों पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों को कम कर सकते हैं.

इस स्टडी में बोस्टन के 73 साल की औसत आयु वाले 2,280 पुरुषों को शामिल किया गया था. इसमें ये ध्यान दिया गया कि स्टडी में शामिल लोगों की पर्सनल मेडिकल हिस्ट्री ठीक हो और वे रेगुलर स्मोक करने वाले ना हों.

रिसर्चर्स ने पाया कि एस्प्रिन जैसे नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDS) के इस्तेमाल से पर्टिकुलेट मैटर का फेफड़े पर दुष्प्रभाव कम हुआ.

रिसर्चर्स का मानना है कि एस्प्रिन जैसे नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स एयर पॉल्यूशन के कारण होने वाले इंफ्लेमेशन को घटाते हैं, हालांकि स्टडी में सिर्फ एस्प्रिन के असर का विश्लेषण किया गया है.

रिसर्चर्स कहते हैं कि प्रदूषित हवा से बचना सबसे ज्यादा जरूरी है, जिसका संबंध कैंसर से लेकर कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से पाया गया है.

ये भी पढ़ें : एयर पॉल्यूशन से निपटने के वो कदम जो सरकार को नहीं, आपको उठाने हैं

(एयर पॉल्यूशन पर फिट #PollutionKaSolution कैंपेन लॉन्च कर रहा है. आप भी हमारी इस मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं. आप #AirPollution को लेकर अपने सवाल, समाधान और आइडियाज FIT@thequint.com पर भेज सकते हैं.)

Follow our सेहतनामा section for more stories.

Loading...