डेयरी से परहेज है? ये हैं मिल्क के कुछ प्लांट-बेस्ड ऑप्शन
 क्या आपको लैक्टोज हजम नहीं होता, क्या आप शाकाहारी हैं या आपको दूध नापसंद है? यहां आपके लिए पेश हैं कुछ प्लांट बेस्ड दूध के विकल्प.
क्या आपको लैक्टोज हजम नहीं होता, क्या आप शाकाहारी हैं या आपको दूध नापसंद है? यहां आपके लिए पेश हैं कुछ प्लांट बेस्ड दूध के विकल्प.(फोटो: iStockphoto)

डेयरी से परहेज है? ये हैं मिल्क के कुछ प्लांट-बेस्ड ऑप्शन

पुराने वक्त के मुकाबले आज के दौर में बहुत सारे लोगों को लैक्टोज हजम नहीं होता या वे पक्के शाकाहारी हैं और इस वजह से वे डेयरी मिल्क नहीं लेते हैं. उनके लिए एक बड़ी मुश्किल ये है कि उन्हें पता नहीं कि अगर दूध नहीं, तो उन्हें नाश्ते के साथ क्या पीना चाहिए.

मुझे अपने काम के सिलसिले में हर समय ये सुनने को मिलता है: “मुझे अंडे खाने के साथ कुछ पीने की जरूरत होती है, या मुझे दोपहर या शाम को कोल्ड (या हॉट) कॉफी, चाय लेने की जरूरत होती है...”

हालांकि आज के दौर में पर्याप्त विकल्प हैं, लेकिन इनके बारे में जागरुकता कम है. मैं प्लांट मिल्क (जिसे अल्टरनेटिव मिल्क, नट मिल्क या वेगन मिल्क भी कहा जाता है) की बात कर रही हूं. एक गैर-मवेशी पेय जो आसानी से सभी शर्तें पूरी करता है और पोषण की सारी जरूरतें भी पूरी कर सकता है.

जैसा कि कहा जाता है, हमेशा याद रखें कि कम फैट वाला डेयरी उत्पाद आदर्श आहार का एक महत्वपूर्ण घटक है. इसके अलावा, अधिकांश प्लांट बेस्ड मिल्क (पौधे से प्राप्त दूध) में गाय के दूध की तुलना में कम प्रोटीन और कुछ पोषक तत्वों की कमी वाले होते हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखें. लेकिन कुछ कमियों को ये निश्चित रूप से पूरा करने में मदद कर सकते हैं.

तो प्लांट बेस्ड मिल्क क्या है? ये बींस या मेवे को पीसकर बनाया जाता है, फिर इसमें पानी, फ्लेवर्स, विटामिन और मिनरल्स मिलाए जाते हैं.

यहां कुछ प्रमुख प्लांट बेस्ड मिल्क के बारे में गया है:

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1. सबसे लोकप्रिय: सोया मिल्क

मैक्रोन्यूट्रिएंट कंपोजीशन के हिसाब से, प्लांट-बेस्ड सोया मिल्क करीब-करीब गाय के दूध जैसा ही हेल्दी है.
मैक्रोन्यूट्रिएंट कंपोजीशन के हिसाब से, प्लांट-बेस्ड सोया मिल्क करीब-करीब गाय के दूध जैसा ही हेल्दी है.
(फोटो: iStockphoto)

मैक्रोन्यूट्रिएंट कंपोजीशन के हिसाब से, प्लांट-बेस्ड सोया मिल्क गाय के दूध से सबसे ज्यादा करीब है. इसमें व्यावसायिक रूप से उपलब्ध किसी भी अन्य दूध की तुलना में अधिक प्रोटीन (प्रति गिलास लगभग 8 ग्राम प्रोटीन) होता है.

इसलिए इस्तेमाल करें:

बाजार में उपलब्ध दूध की किस्मों में बहुत अधिक शुगर डाली होती है. इसके अलावा सोया का बींस फ्लेवर भी थोड़ा जाना-पहचाना होता है.

ये भी पढ़ें : क्या आप भी ये सोचते हैं कि दूध से वजन बढ़ने का खतरा होता है?

2. नट मिल्क- बादाम, काजू, पिश्ता, मूंगफली और दूसरे मेवे

कम से कम ऐसा मिल्क चुनें जो विटामिन डी के साथ फोर्टिफाइड हो और स्वीटेंड न हो.
कम से कम ऐसा मिल्क चुनें जो विटामिन डी के साथ फोर्टिफाइड हो और स्वीटेंड न हो.
(फोटो: iStockphoto) 

नट मिल्क (सूखे मेवे का दूध) मेवे से तरल पदार्थ निकाल और गूदे को छोड़ कर तैयार किया जाता है. इसमें कैलोरी काफी कम होती है (आमतौर पर प्रति कप लगभग 30 कैलोरी).

इनमें भारी मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA) होता है, जो हमारे हार्ट के स्वास्थ्य और वजन घटाने के लिए बहुत अच्छा है.

इसलिए इस्तेमाल करें:

बाजार में उपलब्ध बादाम का दूध, आमतौर बादाम का सिर्फ 2.5% होता है. 250 मिलीलीटर गिलास में सिर्फ 5 बादाम होता है. आश्चर्य नहीं कि यह पतला और पानी जैसा होता है! कम से कम ऐसा मिल्क चुनें जो विटामिन डी के साथ फोर्टिफाइड हो और स्वीटेंड न हो.

फौरी सलाह

घर पर बनाएं: 2 बड़ा चम्मच अपने पसंद का नट बटर लेकर इसे ब्लेंडर में 2 कप पानी में मिलाएं. आप चाहें तो थोड़ा सा नमक और स्वीटनर मिला सकते हैं. लीजिए आपका क्रीमी नट मिल्क घर पर ही तैयार है.

3. कोकोनट मिल्क

आइसक्रीम बनाने के लिए भी कोकोनट मिल्क बहुत अच्छा है.
आइसक्रीम बनाने के लिए भी कोकोनट मिल्क बहुत अच्छा है.
(फोटो: iStockphoto)

कोकोनट मिल्क (नारियल के दूध) में कोई प्रोटीन नहीं होता है, और इसमें भरपूर (सैचुरेटेड) फैट होता है. इसके साथ ही ये पीने में थोड़ा गाढ़ा होता है, लेकिन बेकिंग और क्रीमी सूप और करी बनाने के लिए बहुत अच्छा होता है. सबसे बड़ी बात, यह लैक्टोज फ्री है इसलिए लैक्टोज हजम नहीं कर पाने वालों के लिए भी अच्छा है. यह शाकाहारी लोगों के लिए भी एक पसंदीदा विकल्प है, जो आमतौर पर पशु उत्पाद की डाइट नहीं लेते हैं. उनके लिए चिकनाई की जरूरत मिल्कशेक पूरी करते हैं. ये आइसक्रीम बनाने के लिए भी शानदार है.

इसलिए इस्तेमाल करें:

कोकोनट ऑयल में नाममात्र की प्रोसेसिंग की जरूरत होती है.

ये भी पढ़ें : A2 मिल्क: जानिए कितना फायदेमंद है देसी गाय का दूध

4. ग्रेन मिल्क - राइस और ओट मिल्क

प्लांट बेस्ड दूसरे मिल्क के मुकाबले राइस मिल्क में कार्बोहाइड्रेट बहुत अधिक होता है.
प्लांट बेस्ड दूसरे मिल्क के मुकाबले राइस मिल्क में कार्बोहाइड्रेट बहुत अधिक होता है.
(फोटो: iStockphoto)

ये मिठास लिए होते हैं और सुबह के नाश्ते के साथ लेने के लिए सबसे अच्छे हैं. लेकिन राइस मिल्क में अन्य प्लांट बेस्ड दूध की तुलना में कार्बोहाइड्रेट बहुत ज्यादा (औसतन 250-30 मिलीलीटर के एक गिलास में 25-30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स होता है, जो कि 2 स्लाइस ब्रेड के बराबर है!) होता है, लेकिन ये सोया या नट्स से एलर्जी रखने वाले लोगों के लिए अच्छा विकल्प है. ओट्स मिल्क में बादाम मिल्क की तुलना में अधिक प्रोटीन (250 मिलीलीटर के कप में 5 ग्राम) होता है, लेकिन राइस मिल्क की तुलना में कम कार्बोहाइड्रेट (250 मिलीलीटर कप में 15-20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट) होता है, इसलिए यह एक अच्छा ऑलराउंड विकल्प है. यह एक घुलनशील फाइबर भी मुहैया कराता है- जो कोलेस्ट्रॉल को कम रखने में मदद करता है.

इसलिए इस्तेमाल करें:

कैल्शियम से फोर्टिफाइड राइस मिल्क लेना चाहिए क्योंकि राइस मिल्क में कैल्शियम सचमुच बहुत कम होता है.

5. कुछ और नए विकल्प

हेंप और फ्लैक्स (सन) मिल्क भी अब दुकानों में दिखने लगे हैं, लेकिन ये सचमुच काफी तेज फ्लेवर वाले हैं, इसलिए इनकी आदत डालनी पड़ेगी.
हेंप और फ्लैक्स (सन) मिल्क भी अब दुकानों में दिखने लगे हैं, लेकिन ये सचमुच काफी तेज फ्लेवर वाले हैं, इसलिए इनकी आदत डालनी पड़ेगी.
(फोटो: iStockphoto)

पी प्रोटीन दूध

हेंप और फ्लैक्स से बने दूध में सोया या गाय के दूध से ज्यादा प्रोटीन होता है- 10 ग्राम प्रति कप की भारी भरकम मात्रा. इसके अलावा यह क्रीमी, चिकना और सादे स्वाद वाला होता है.

सीड मिल्क

हेंप और फ्लैक्स (सन) मिल्क भी अब दुकानों में दिखने लगे हैं, लेकिन ये सचमुच काफी तेज फ्लेवर हैं, इसलिए इनकी आदत डालनी पड़ेगी. इन्हें बीज को पानी में भिगोकर और पीसकर बनाया जाता है. हेंप मिल्क संपूर्ण प्रोटीन (सारे एमिनो एसिड सहित) और आयरन देता है और इसमें दूसरे प्लांट मिल्क की तुलना में अधिक एसेंशियल फैटी एसिड (EFA) होता है. फ्लैक्स मिल्क में प्रोटीन कम होता है, लेकिन इसमें कैल्शियम होता है और कम कैलोरी होती है.

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(कविता दिल्ली में एक न्यूट्रिशनिस्ट, वेट मैनेजमेंट कंसल्टेंट और हेल्थ मामलों की राइटर हैं. उन्होंने दो किताबें Don’t Diet! 50 Habits of Thin People (Jaico) और Ultimate Grandmother Hacks: 50 Kickass Traditional Habits for a Fitter You (Rupa) भी लिखी हैं.)

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