आंवला से लेकर हल्दी, आपको हेल्दी रखेंगे ये 7 सुपरफूड
इंडियन सुपरफूड
इंडियन सुपरफूड(फोटो: iStockphoto)

आंवला से लेकर हल्दी, आपको हेल्दी रखेंगे ये 7 सुपरफूड

आज हम कुपोषण के साथ मोटापे की भी दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं. हां, मोटापा और कुपोषण एक साथ हो सकता है. इसका मतलब है कि कोई ओवरवेट शख्स (या ठीकठाक वजन वाला) भी गंभीर कुपोषण का शिकार हो सकता है और उसे भी खनिज और विटामिन की कमी हो सकती है.

एक्सपर्ट के साथ ही अब सरकारें भी दुनियाभर में तेजी से फैले इस विरोधाभास को पहचानने लगी हैं. शुक्र है कि हमारे देश में भी इस बारे में जागरूकता है. हाल ही में इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए, आयुर्वेद मंत्रालय, योग और प्राकृतिक चिकित्सा मंत्रालय, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष) ने परंपरागत पौधों पर आधारित सुपरफूड्स के उपयोग को बढ़ावा देने के जरिये देश में कुपोषण कम करने की योजना की शुरुआत की है.

उनकी लिस्ट में कुछ रोचक खाद्य पदार्थ हैं, जिनमें न सिर्फ सूक्ष्म पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट अधिक होते है, बल्कि वास्तव में वे अन्य पोषक तत्वों के पाचन में सुधार करने में भी मदद करते हैं. इस तरह इनसे दोहरा फायदा मिलता है.

यहां कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताया जा रहा है, जिन्हें इंडियन सुपरफूड कहना गलत नहीं होगा.

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1. आंवला

 आंखों के लिये फायदेमंद है आंवला 
आंखों के लिये फायदेमंद है आंवला 
(फोटो: पिक्साबे)

न्यूट्रिशन पंचः आंवले में 80% पानी होता है. इसमें कैल्शियम, कॉपर, मैग्नेशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, जिंक और आयरन जैसे मिनरल्स मौजूद होते हैं. इसके अलावा आंवले में कैरोटीन, विटामिन बी (थायमिन (बी1), राइबोफ्लेविन (बी2), नायसिन (बी3), पैंटोथेनिक एसिड (बी5), विटामिन बी6, फोलेट), विटामिन सी और विटामिन ई के अलावा कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं.

इसे कद्दूकस करके दाल या सलाद में मिलाएं या फिर इसका जूस पी लें. 

2. सोठ (सूखा अदरक)

अदरक वाली चाय बनाएं
अदरक वाली चाय बनाएं
(फोटो:iStock)

न्यूट्रिशियन पंचः सूखे अदरक को पीसकर सर्दियों में अधिक इस्तेमाल किया जाता है. ये एक तरह का रंपरागत मसाला है, जिसकी तासीर गर्म होती है. यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि इसमें आवश्यक तेल और बीटा कैरोटीन, विटामिन सी, विटामिन बी भी मौजूद होता है. इसमें पोटेशियम, कैल्शियम, जिंक, आयरन और कॉपर भी पाया जाता है.

इसे गर्म पानी में उबाल कर पीएं. आप अदरक वाली चाय भी बना सकते हैं. इसे दाल में डाला जा सकता है.

3. कच्ची हल्दी

आयुर्वेद में होता आ रहा है हल्दी का इस्तेमाल
आयुर्वेद में होता आ रहा है हल्दी का इस्तेमाल
(फोटो: iStock)

न्यूट्रिशियन पंचः इसमें पाइरिडॉक्सिन (विटामिन बी6), कोलीन, नाइसिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन सी मिलता है. इसके अलावा कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, मैंगनीज, कॉपर, जिंक और मैगनेश्यिम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं. वहीं, इसमें टरमरोन और जिंगीबरेन जैसे महत्वपूर्ण तेल और करकमिन जैसे बेहतरीन तत्व भी पाए जाते हैं, जो याददाश्त और संज्ञनात्मक क्षमता बढ़ाने, ध्यान केंद्रित करने और मस्तिष्क में अपक्षयी प्रक्रिया से लड़ने में मददगार होते हैं.

इसे खाना पकाने, चाय में डालने या सिर्फ गर्म दूध में डाल सकते हैं. इसमें थोड़ा काली मिर्च (करकमिन को पचाने में मदद करता है) भी मिलाया जा सकता है.

4. गिलोय

इसकी पत्तियों को पीस कर आंवला जूस में मिलाकर पीएं
इसकी पत्तियों को पीस कर आंवला जूस में मिलाकर पीएं
(फोटो: iStockphoto)

न्यूट्रिशियन पंचः इस औषधीय पौधे के बारे में बहुत कम बात होती है. इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, कॉपर, जिंक और मैग्नीज पाया जाता है. यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है. यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शुगर के लेवल को स्थिर रखने के लिए जाना जाता है.

इसकी पत्तियों को पीस कर आंवला जूस में मिलाकर पीएं. या इसके पाउडर को गर्म पानी में मिला लें. इसे खाना खाने से पहले या खाली पेट पीएं.

5. अश्वगंधा

आप अश्वगंधा वाली चाय बना सकते हैं
आप अश्वगंधा वाली चाय बना सकते हैं
(फोटो सौजन्य: Flickr)

न्यूट्रिशियन पंचः अश्वगंधा में कई प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लेवेनॉइड्स पाए जाते हैं. इसलिए यह सूजन के इलाज में प्रयोग किया जाता है. यह इंफेक्शन और बीमारी से बचाता है. यह प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और याददाश्त भी बेहतर करता है. इसमें आयरन, कैल्शियम, कैरोटीन (विटामिन ए) और विटामिन सी पाया जाता है.

इसके प्रयोग का सबसे बेहतर तरीका है कि अश्वगंधा वाली चाय पी जाए. चाय बनाने के लिए अश्वगंधा पाउडर को पानी के साथ उबाल लें. इसके बाद इसमें दूध और चायपत्ती डालें. आप इसे चूरन के रूप में भी ले सकते हैं. 

6. मोरिंगा

मोरिंगा पाउडर को आप जूस या दाल, सूप और मुरब्बा में भी डाल सकते हैं
मोरिंगा पाउडर को आप जूस या दाल, सूप और मुरब्बा में भी डाल सकते हैं
(फोटो: iStockphoto)

न्यूट्रिशियन पंचः मोरिंगा में विटामिन, मिनरल्स के साथ ही विटामिन ए, बी (फोलिक एसिड, पाइरिडॉक्सिन और राइबोफ्लेविन), सी और ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसमें कैल्शियम, मैग्नीज, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, जिंक और प्रोटीन भी पाया जाता है. यह हमारे शरीर के लिए आवश्यक सभी आठ तरह के अमीनो एसिड उपलब्ध कराता है. यह उन चंद पौधे वाले भोजन में से एक है, जो गुणवत्ता वाला प्रोटीन देते हैं.

मोरिंगा की ताजा पत्तियों को पालक या अन्य साग की तरह बनाया जा सकता है. आप मोरिंगा पाउडर को जूस या दाल, मुरब्बा में भी डाल सकते हैं. या इसे पानी में मिलाएं और पी जाएं.

7. लहसुन

लहसुन को अक्सर खराब महक वाला फूड कहा जाता है
लहसुन को अक्सर खराब महक वाला फूड कहा जाता है
(फोटो सौजन्य: पिक्साबे)

न्यूट्रिशियन पंचः लहसुन में मौजूद सल्फर पोषक तत्व के रूप में काम करते हैं. यह अपने कई फायदों के लिए जाना जाता है. लहसुन मैग्नीज और विटामिन बी6 का बेहतरीन स्रोत है. इसमें विटामिन सी, कॉपर, सेलेनियम, फॉस्फोरस, विटामिन बी1 और कैल्शियम भी भरपूर पाया जाता है.

सुबह-सुबह एक लौंग या कच्ची लहसुन की दो कली खा सकते हैं. खाना पकाने में भी इसका खुलकर इस्तेमाल कर सकते हैं.

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(कविता देवगन दिल्ली में रहने वाली एक न्यूट्रिशनिस्ट, वेट मैनेजमेंट कंसल्टेंट और हेल्थ राइटर हैं. इन्होंने दो किताबें Don’t Diet! 50 Habits of Thin People (Jaico) और Ultimate Grandmother Hacks: 50 Kickass Traditional Habits for a Fitter You (Rupa) लिखी है.)

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