डिलीवरी के बाद कैसा हो आपका खानपान?
बच्चे की देखभाल के साथ अपने स्वास्थ्य का भी रखें ख्याल.
बच्चे की देखभाल के साथ अपने स्वास्थ्य का भी रखें ख्याल. (फोटो: iStockphoto)

डिलीवरी के बाद कैसा हो आपका खानपान?

प्रेग्नेंट होते ही आप आने वाली संतान को पोषित करने के लिए 9 महीने तक कई तरह की चीजें खाती हैं. बच्चे के पोषण को ध्यान में रखते हुए आप वो सब खाती हैं, जो शायद आपको पसंद भी ना हो. 9 महीने बाद जब बच्चा आपकी गोद में होता है, तब भी आपको अपनी पोषण संबंधी आवश्यकताओं की बजाए बच्चे की जरूरतों को लेकर ज्यादा फिक्र होती है.

लेकिन जब आपको दो लोगों के लिए खाना नहीं खाना होता, सिजेरियन डिलीवरी के बाद स्वस्थ खाना सर्जरी से रिकवरी दिलाने में मददगार होता है. सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद मां को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे किसी हिस्से में दर्द या संक्रमित निशान.

दुबई स्थित स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मानसी धीर का कहना है, "सिजेरियन के बाद कब्ज भी असामान्य नहीं है. इसलिए, डिलीवरी के पहले की खुराक जारी रखना अच्छा है, डाइट में हाई फाइबर युक्त फल और सब्जियां शामिल करें और जरूरत पड़ने पर स्टूल सॉफ्टनर्स का इस्तेमाल करें ताकि शौच के दौरान दर्द या परेशानी ना हो."

संतुलित आहार मां के लिये काफी जरूरी है, जो उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ होने में मददगार साबित हो. निश्चित रूप से कुछ खाद्य पदार्थ हैं, जो स्वस्थ होने की प्रक्रिया को तेज करते हैं. तो, आइए जानें वो कौन से खाद्य पदार्थ हैं.

1. प्रोबायोटिक्स

प्रोबायोटिक्स पाचन में सुधार करते हैं
प्रोबायोटिक्स पाचन में सुधार करते हैं
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प्रोबायोटिक ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनमें जीवित जीवाणु या सूक्ष्म जीव शामिल होते हैं. प्रोबायोटिक्स आपके पाचन में सुधार करते हैं और डिलीवरी के बाद होने वाली कब्ज की समस्या को रोक सकते हैं. प्रोबायोटिक के नियमित सेवन से आपके शरीर की खाद्य पदार्थों से पोषक तत्वों को अवशोषित करने की क्षमता बढ़ती है. प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ अपनी डाइट में शामिल करें, जैसे- दही, मिसो, अचार, किमची और कोम्बुचा चाय जैसी चीजों का सेवन करें.

2. आयरन

अपनी डाइट में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें
अपनी डाइट में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें
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सिजेरियन और वजाइनल बर्थ दोनों तरह की डिलीवरी में मां के शरीर से काफी मात्रा में ब्लड की हानि होती है. इसलिये जरूरी है कि आप अपने शरीर में आयरन लेवल को ज्यादा रखें ताकि डिलीवरी के बाद एनीमिया की परेशानी ना हो, जिसके परिणामस्वरूप अत्यधिक थकान, चिड़चिड़ापन और मां के दूध की गुणवत्ता और मात्रा प्रभावित हो सकती है. देर से हुई प्रेगनेंसी में आयरन की कमी और एनीमिया जैसी समस्या आम हैं क्योंकि बच्चे के विकास के लिए रक्त की जरूरत ज्यादा होती है.

न्यूट्री एक्टिवानिया की संस्थापक, पोषण विशेषज्ञ और वेलनेश कोच अवनी कौल का कहना है, "डिलीवरी के बाद यह और जरूरी है क्योंकि डिलीवरी के दौरान काफी मात्रा में ब्लड निकलता है और शरीर में रक्त की कमी हो जाती है."

एनीमिया से आपको सुस्ती और आलस महसूस हो सकता है, इसलिए खाने में ज्यादा से ज्यादा हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें, जैसे पालक, जलकुंभी, पत्तेदार गोभी, सेम, ड्राई फ्रूट्स, मांस, एपरिकोट जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें क्योंकि इनमें आयरन की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है. हां, आपको अपनी डाइट में राजमा को भी शामिल करना चाहिए, इसमें भी भरपूर मात्रा में आयरन होता है. 

डॉ मानसी धीर कहती हैं, "सब्जियों में पाये जाने वाला आयरन रेड मीट की तुलना में आसानी से अवशोषित नहीं होता है, लेकिन आप हरी पत्तेजार सब्जियों को बारीक काट कर उसे मछली, चिकन और मीट के साथ खा सकती हैं."

अपनी डाइट में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें जैसे रेड मीट, मछली, चिकन, दाल, ड्राई फ्रूट और हरी पत्तेदार सब्जियां. अगर आपको अपने शरीर में आयरन की कमी महसूस हो रही है, तो अपने डॉक्टर से बात करें और वो आपकी स्थिति के अनुसार आयरन के सप्लीमेंट या हार्मोन टैबलेट देंगे. डॉक्टर अक्सर बच्चे के जन्म के बाद माताओं को आयरन सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं. जब शरीर में आयरन की कमी ज्यादा होती है, तो आयरन का सप्लीमेंट देकर इस कमी को पूरा किया जा सकता है.

सामान्य तौर पर बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को अपने आहार में लगभग 30-50 मिलीग्राम आयरन लेने की आवश्यकता होती है.

3. ओट्स- पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करता है

ब्रेकफास्ट में ओट्स खाएं
ब्रेकफास्ट में ओट्स खाएं
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नींद की कमी और अनियमित आहार से शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है, लेकिन अगर आप एनर्जी-बूस्टिंग विकल्प चुनेंगे तो तेजी से बेहतर महसूस करेंगे.

साबुत अनाज, जैसे जई और ब्राउन ब्रेड, चावल और पास्ता धीमी गति से कार्ब्स रिलीज करते हैं, जो आपके ऊर्जा के स्तर को स्थिर रखते हैं. ओट्स में विभिन्न पोषक तत्व होते हैं और शरीर में आवश्यक आयरन के स्तर को बनाए रखने के लिए सबसे अच्छे खाद्य पदार्थों में से एक है. ओट्स में कैल्शियम और मैग्नीशियम की भी पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है- जो बच्चे के जन्म के बाद शरीर में हुई विटामिन और खनिज भंडार की कमी को संतुलित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं- साथ ही ये घुलनशील फाइबर से पैक होते हैं, जिससे कब्ज की समस्या से निजात पाया जा सकता है.
डॉ अवनी कौल

डिलीवरी के बाद आपको अपने डाइट चार्ट में विशेष रूप से ब्रेकफास्ट में ओट्स (जई) को शामिल करना चाहिए. खाने की गुणवत्ता और पौष्टिकता बढ़ाने के लिये आप ओट्स में आम, सेब और केले के टुकड़े डाल सकती हैं.

4. संतरे

खट्टे फलों में विटामिन सी पाया जाता है
खट्टे फलों में विटामिन सी पाया जाता है
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चाहे आपकी सिजेरियन डिलीवरी हुई हो या नॉर्मल, विटामिन सी काफी फायदेमंद होता है. डॉ धीर का कहना है, "खट्टे फल जैसे नींबू, संतरे, अंगूर और मौसमी में विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहता है, जो कोशिकाओं की मरम्मत यानी रिपेयर करने का काम करते हैं. कीवी, पपीता और स्ट्रॉबेरी भी विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मदद करता है."

5. दही

दही में कैल्सियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है
दही में कैल्सियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है
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अगर आप बच्चे को स्तनपान कराती हैं, तो आपको अपने बच्चे की हड्डियों और दांतों को मजबूत करने के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है और सुनिश्चित करने की जरूरत होती है कि उनके ब्लड क्लॉट्स (खून के थक्के) सामान्य हों. अवनी कौल कहती हैं, "दही कैल्शियम का एक बड़ा स्रोत है. मैं एक दिन में 700 मिलीग्राम के सेवन की सलाह देती हूं, लेकिन नर्सिंग माताओं को और 550 मिलीग्राम की आवश्यकता होती है. इसलिए एक दिन में 250 ग्राम दही खाने और डेढ़ पाव दूध पीना बेहतर होगा. चाहे ये फ्रूट दही हो या मीठा ना हो इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, लेकिन सादा दही सबसे अच्छा होता है.”

6. बिना चर्बी वाला मीट मांसपेशियों के लिये फायदेमंद होता है

कमजोरी महसूस होती है, तो बिना चर्बी वाला मांस खाएं
कमजोरी महसूस होती है, तो बिना चर्बी वाला मांस खाएं
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डिलीवरी के बाद माताओं के लिए सबसे आम समस्याओं में से एक है कमजोरी महसूस होना. डिलीवरी के बाद मां के लिये बच्चा सबसे अहम जिम्मेदारी बन जाता है, बच्चे को उठाना, घुमाना और सुलाने के साथ उसके हर छोटे-बड़े काम मां को करने पड़ते हैं, ऐसे में मां को अतिरिक्त सहनशक्ति और ताकत की आवश्यकता होती है. बिना चर्बी वाला मांस (लीन मीट) प्रोटीन से भरपूर होता है - जो आपकी मांसपेशियों, ऑर्गन, कोशिकाओं को रिपेयर और मजबूती देने में मदद करता है. चिकन, बिना चर्बी वाला पोर्क का मांस आपको चलने की ताकत देने में मदद करेंगे.

अवनी कौल के मुताबिक, "मांस के अलावा प्रोटीन के अच्छे सोर्स में अंडे, दाल, ड्राई फ्रूट्स शामिल हैं, जो कोशिकाओं को बरकरार रखने और मरम्मत करने में मदद करते हैं."

7. बेहतर नींद के लिए फायदेमंद है केला

दिमाग को शांत रखने में मददगार है केला
दिमाग को शांत रखने में मददगार है केला
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नवजात शिशु का आंखों के सामने होना एक खूबसूरत एहसास होता है, ऐसे में डाइट में उन खाद्य पदार्थों को शामिल करें, जो नींद आने में आपकी मदद करें, जिससे कि बच्चे को सुबह 3 बजे फीड कराने के बाद आप घंटों जागती ना रहें और आपको नींद आ जाए. ‘ट्रिप्टोफेन’ प्रोटीन में एमिनो एसिड है, जो शरीर सेरोटोनिन बनाने के लिए उपयोग करता है और बदले में मेलाटोनिन बनाता है - दोनों हार्मोन आपके मस्तिष्क को शांत करके, जल्द नींद आने में मदद करते हैं. ‘ट्रिप्टोफेन’ समृद्ध खाद्य पदार्थों में केला, पनीर, पालक और अंडे शामिल हैं. ‘ट्रिप्टोफेन’ को मस्तिष्क तक पहुंचने में मदद करने के लिए इन्हें कार्बोहाइड्रेट के साथ खाने की आवश्यकता होती है, इसलिए बेड टाइम स्नैक्स यानी कि सोने के वक्त अगर भूख लगे तो टोस्ट पर आधे केले को मैश कर खा सकती हैं, इससे नींद आने में मदद मिलेगी.

8. दाल

फायदेमंद हैं कई तरह के दाल
फायदेमंद हैं कई तरह के दाल
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अवनी कौल के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को अपनी डाइट में विभिन्न प्रकार की दाल को शामिल करना बेहद जरूरी है, ये बॉडी की रिकवरी के लिये जरूरी है क्योंकि वे उच्च पौष्टिक मूल्य के साथ आते हैं. दालों में खासकर मसूर की दाल में फाइबर और प्रोटीन के अलावा विभिन्न प्रकार के विटामिन और खनिज होते हैं, जिसे शरीर आसानी से पचा सकता है और डॉक्टर अक्सर अच्छे स्वास्थ्य के लिये दाल खाने की सलाह देते हैं. शरीर में इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) को बढ़ावा देने के अलावा, ये बॉडी को फाइबर भी प्रदान करते हैं. ये कब्ज को रोकने के लिए भी आवश्यक है. किसी भी रूप में दाल - चाहे वह सादा दाल हो या सूप या फिर अंकुरित (स्प्राउट्स) आपके स्वास्थ्य की बेहतरी में निश्चित ही मदद करेंगे.

9. बादाम

रोज सुबह बादाम खाएं.
रोज सुबह बादाम खाएं.
(फोटो: iStock)

डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपनी डाइट में बादाम शामिल करना चाहिए. बादाम को भिगो कर या ओट्स जैसे दूसरे खाद्य पदार्थों के साथ खाने से आश्चर्यजनक रूप से लाभ मिलता है. आप मिल्क शेक या स्मूदी में भी बादाम डालकर सेवन कर सकती हैं, इससे स्वाद के साथ ही खाद्य पदार्थ की पौष्टिकता भी बढ़ेगी.

(आरती के सिंह विभिन्न मीडिया संस्थानों में करीब दो दशकों के अनुभव के साथ एक स्वतंत्र लेखिका हैं. रेडियो, टीवी और प्रिंट मीडिया में काम करने के बाद अब वह पीएचडी करने और अपने बेटे को संभालने के अलावा दुनिया को रिडिस्कवर करने के अपने जुनून में जुटी हुई हैं.)

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