बोर्ड एग्जाम के दौरान बच्चे क्या खाएं और क्या ना खाएं, जानिए यहां
आपको अपने दिमाग को तेज, एनर्जी लेवल को हाई और शरीर को बीमारी से मुक्त रखना है, तो इन टिप्स को अपनाएं.
आपको अपने दिमाग को तेज, एनर्जी लेवल को हाई और शरीर को बीमारी से मुक्त रखना है, तो इन टिप्स को अपनाएं.(फोटो: iStock)

बोर्ड एग्जाम के दौरान बच्चे क्या खाएं और क्या ना खाएं, जानिए यहां

बोर्ड एग्जाम आ रहे हैं? बोर्ड एग्जाम के दौरान या परीक्षा का समय नजदीक आने के साथ ही आपको अपने दिमाग को कुशाग्र, एनर्जी लेवल को हाई और अपने शरीर को बीमारियों से दूर रखने की जरूरत होती है. कहा जाता है कि परीक्षा के समय तनाव बढ़ जाता है और कई बार इसकी वजह से छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है.

लेकिन परीक्षा के दौरान हम तनाव को खुद से दूर रख सकते हैं, बस थोड़ी कोशिश की जरूरत है. तो, आइए जानें एग्जाम के दिनों में तनाव से बचने के कुछ आसान तरीके.

एकाग्रता बढ़ाएंगी खाने की ये चीजें

(फोटो: अरूप मिश्रा / FIT)
  1. एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर सभी फल: बहुत सारे फल और सब्जियां खाने से कोशिकाओं की रक्षा और याद की गई बातों को संरक्षित रखने में मदद मिलती है. विटामिन सी और ई दिमाग को तेज रखता है. बेरीज में एंथोसायनिन नाम का रसायन भरपूर मात्रा में मौजूद रहता है, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट हैं.
  2. हर दिन एक अनार खाएं: ये एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है, इसमें विटामिन सी मौजूद होता है, जो इम्यूनिटी लेवल को बढ़ाता है. इसके अलावा, इस रसदार, स्वादिष्ट फल में एक चमत्कारिक एंटी-ऑक्सीडेंट यौगिक होता है, जो दिमाग की शक्ति बढ़ाने में मदद कर सकता है. तो बस इसे काट कर खाएं, इसका रस पीएं या फिर रायता और सलाद में शामिल करें.
  3. सभी सब्जियों में अतिरिक्त हल्दी मिलाएं क्योंकि ये हमारे दिमाग के स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन है. और कभी-कभी रात को सोने से पहले गर्म दूध में 1/4 चम्मच हल्दी मिलाकर पीएं.
  4. सुबह दूध पीते हैं तो एक ग्लास दूध में चुटकी भर दालचीनी मिलाएं, या नाश्ते में ओट्स या टोस्ट पर छिड़कें- इससे याददाश्त मजबूत होती है.
  5. मछली खाएं! मछली में कोलीन होता है, जिसे मस्तिष्क एसिटाइल-कोलीन बनाने के लिए उपयोग करता है जो कि याददाश्त और संज्ञानात्मक तर्क में शामिल न्यूरॉन्स के बीच कुशल संचार के लिए आवश्यक है. हफ्ते में दो बार मछली खाने की कोशिश करें.
  6. विटामिन B का सेवन करें: विटामिन B के पर्याप्त सेवन से एकाग्रता, याददाश्त, प्रतिक्रिया समय और मानसिक स्पष्टता में सुधार होता है. तो साबुत अनाज, अंडे, बिना चर्बी का मीट, हरी पत्तेदार सब्जियां और दाल खाएं.

हर दिन करें ये काम

परीक्षा के दौरान रोजाना दूध पीएं! 
परीक्षा के दौरान रोजाना दूध पीएं! 
(फोटो: iStockphoto)
  1. बादाम निश्चित रूप से मदद करता है; इसमें जिंक की भरपूर मात्रा होती है, जो हमारे दिमाग के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज है. मूंगफली, काजू और सूरजमुखी के बीज और कद्दू के बीज भी दिमाग को हेल्दी बनाएं रखने के लिए अच्छे विकल्प हैं.
  2. दूध हर दिन पीना जरूरी है, एग्जाम का समय हो या ना हो, इसलिए यह सुनिश्चित करें कि दूध आपकी रोजाना के डाइट का हिस्सा जरूर हो.
  3. घी का सेवन भी मस्तिष्क के लिए अच्छा है लेकिन सीमित मात्रा में, ज्यादा मात्रा में घी खाने से आपको सुस्ती का एहसास होने लगेगा.

एग्जाम के दौरान इन चीजों से करें परहेज

(फोटो: अरूप मिश्रा/ FIT)
  1. तली हुई चीजें, जंक फूड सिर्फ कैलोरी बढ़ाती हैं और शरीर को कोई पोषक तत्व नहीं प्रदान करती हैं. आपको हल्का, स्वस्थ भोजन खाने की जरूरत है, जो पचाने में आसान हो, ताकि आपके पाचन तंत्र पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े और अधिक ऊर्जा पढ़ाई में लगे.
  2. बहुत अधिक चीनी का सेवन शरीर के लिए हानिकारक है क्योंकि इससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे थकान और सुस्ती का एहसास होता है. चीनी शरीर में एक अम्लीय वातावरण भी बनाती है, जिसे शरीर को साफ करना आवश्यक है. इससे थकान, प्रतिक्रिया समय में कमी होने के साथ ही निर्णय लेने की क्षमता, एकाग्रता और प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर पड़ता है और मस्तिष्क के काम करने की क्षमता घटती है. इसलिए चीनी का सेवन कम करें.
  3. वसायुक्त भोजन और एक बार में ज्यादा खाने से बचें क्योंकि ये मस्तिष्क से ब्लड की सप्लाई पाचन तंत्र की तरफ मोड़ देता है. इससे सुस्ती और थकान होती है. इसलिए दिन भर में चार से छह बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन और स्नैक्स खाना एक बेहतर तरीका है.

सही स्नैक का चुनाव

ड्राईफ्रूट्स, फल, नारियल पानी, काला चना सूप (अतिरिक्त पानी के साथ चने को उबाल लें, पानी में थोड़ा सा काला नमक और नींबू का रस मिलाएं और इसे पी लें). स्नैक्स के तौर पर चिकन सूप, छाछ, चने का सूप, स्प्राउट्स चाट, पनीर, दही और दही-आधारित स्मूदी भी बेहतर विकल्प होते हैं, जिससे आपका पेट भी भर जाएगा और आपको आलस का एहसास भी नहीं होगा.

कैफीन की मात्रा पर दें ध्यान

आप कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में कर सकते है. यह एक उत्तेजक की तरह काम करता है, जो आपको अचानक अलर्ट और ऊर्जावान बनाता है, लेकिन मात्रा अधिक होने पर इसका शरीर पर उल्टा असर भी पड़ता है. कैफीन के अधिक सेवन की वजह से चिंता, घबराहट, पेट खराब, सिरदर्द और अनिद्रा की समस्या हो सकती है. इसलिए कॉफी के कप और कोला के घूंट पर नजर रखें. बहुत अधिक कैफीन याददाश्त पर भी असर डालती है, इसलिए कैफीन का सेवन सीमित मात्रा में करें और चाय की तलब ज्यादा होती है, तो हर्बल चाय या ग्रीन टी की आदत डालें.

एग्जाम से पहले क्या खाएं?

परीक्षा के दौरान नाश्ता नहीं छोड़ें! 
परीक्षा के दौरान नाश्ता नहीं छोड़ें! 
(फोटो: iStockphoto)

परीक्षा देने कभी खाली पेट ना जाएं, हमेशा नाश्ता करें. मस्तिष्क सोते समय भी काम करता है, इसलिए नाश्ते को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करें और शरीर के साथ ही अपने मस्तिष्क को ऊर्जा दें, ताकि दिन में सुस्ती का एहसास ना हो.

इसलिए सुनिश्चित करें कि दिन की शुरुआत हमेशा पर्याप्त नाश्ते के साथ करें, लेकिन ऐसा खाना खाएं जो शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करे, आपका पेट लंबे समय तक भरा लगे और बार-बार भूख ना लगे. दूध, पोहा और एक केला, या अंडा और मल्टीग्रेन टोस्ट, या केला के साथ दही और टोस्ट पर पीनट बटर कुछ अच्छे विकल्प हैं. नाश्ते के इन विकल्पों में मुट्ठी भर ड्राईफ्रूट्स भी मिलाएं. तले हुए भोजन से बचें – इससे आपको नींद आएगी और जूस से भी बचें क्योंकि इससे जल्द भूख लग जाने की समस्या होती है.

डाइटिंग या भोजन छोड़ने की भूल ना करें

पर्याप्त भोजन करना महत्वपूर्ण है ताकि आपके शरीर और मस्तिष्क दोनों को काम करने के लिए आवश्यक ऊर्जा और पोषक तत्वों की कमी नहीं हो. और सुनिश्चित करें कि हर दिन एक अच्छी शुरुआत करने के लिए आप नाश्ते में हाई प्रोटीन और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का चुनाव करें.

हाइड्रेट

सुनिश्चित करें कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, भले ही तापमान ठंडा होने के कारण प्यास महसूस ना हो या पढ़ाई में व्यस्त हों, लेकिन पानी पीने में कोताही ना बरतें. एक अच्छी रणनीति ये है कि आप एक लीटर पानी की बोतल को बगल में रखें, जहां आप पढ़ रहे हैं और कम से कम एक दिन में दो बार खत्म करें. यह समझने की खास जरूरत है कि हमारे मस्तिष्क में ज्यादातर पानी है, लगभग 90 प्रतिशत.

डाइटिंग ना करें

बहुत कम कैलोरी वाली डाइट पर जोर ना दें क्योंकि इससे जानकारी को संसाधित करने में वक्त लगता है, मस्तिष्क को प्रतिक्रिया देने में अधिक समय लगेगा और सीक्वेंस को याद रखने में परेशानी होगी.

(कविता देवगन दिल्ली में रहने वाली एक न्यूट्रिशनिस्ट, वेट मैनेजमेंट कंसल्टेंट और हेल्थ राइटर हैं. इन्होंने दो किताबें Don’t Diet! 50 Habits of Thin People (Jaico) और Ultimate Grandmother Hacks: 50 Kickass Traditional Habits for a Fitter You (Rupa) लिखी है.)

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