शराब पीने से होने वाले नुकसान को कम कर सकती हैं खाने की ये चीजें
शराब पीने से होने वाले नुकसान को कम करने में मददगार हो सकती हैं खाने की कुछ चीजें.
शराब पीने से होने वाले नुकसान को कम करने में मददगार हो सकती हैं खाने की कुछ चीजें.(फोटो: iStock) 

शराब पीने से होने वाले नुकसान को कम कर सकती हैं खाने की ये चीजें

एल्कोहल या शराब ऐसी चीज है, जिसे दुनिया में सबसे अधिक बुरा बताया जाता है. भारत में भी शराब पर निर्भरता अधिक है. वास्तव में लाखों लोग हर साल शराब पीना शुरू करते हैं.

शराब पीने से स्पष्ट रूप से इमोशनल और बिहेवियरल समस्याएं जैसे लड़ाई, चोरी, नशे में गाड़ी चलाना, उदास महसूस करना, दुर्घटनाओं की आशंका और रिश्ते व करियर खराब होने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. शराब पीने से कई गंभीर फिजियोलॉजिकल समस्याएं जैसे कई न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी, वजन बढ़ना, लिवर और किडनी खराब होना, ब्रेन और नर्वस सिस्टम संबंधी विकार, एनीमिया और कुपोषण, स्किन और बाल संबंधी समस्याएं भी सामने आती हैं.

अगर आप शराब से दूरी बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो इसके साथ ये भी जरूरी है कि आप खाने की सही चीजों का चुनाव करें ताकि शराब के कारण आपके शरीर को होने वाला नुकसान कम से कम हो.

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पोषक तत्वों की कमी

शराब कई पोषक तत्वों विशेष रूप से B विटामिन (B1, B3 और B9 या फोलेट), विटामिन A, जिंक और कैल्शियम को अबजॉर्ब करने में बाधा पहुंचाता है. इससे बॉडी में पोषक तत्वों की गंभीर कमी हो सकती है.

B1 (थायमिन) की कमी

 टोफू में विटामिन B1 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
टोफू में विटामिन B1 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
(फोटो: iStockphoto)

यह नजर और चलने से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकता है. अंततः समय पर जांच नहीं होने पर इरिवर्सबल डिमेंशिया हो सकता है.

इस विटामिन से भरपूर फूड प्रोडक्ट्स पर खाएं, जैसे - मछली (सैमन), अलसी के बीज, टोफू, स्पाइरुलाइना, सूरजमुखी के बीज.

B3 (नियासिन) की कमी

इस विटामिन की कमी से दस्त, डर्मिटाइटिस (त्वचा संबंधी रोग) और डिमेंशिया हो सकता है. नियासिन फूड प्रोडक्ट्स की लिस्ट काफी लंबी है, जो इसकी कमी को दूर कर सकते हैं.

मीट, मछली और पोल्ट्री नियासिन से भरपूर होते हैं.

हालांकि, वेजिटेरियन लोगों के लिए विटामिन B से भरपूर कई फूड प्रोडक्ट्स हैं. इनमें सूरजमुखी के बीज, मूंगफली, मशरूम, सीड पोटैटो, मटर और भूरे चावल शामिल हैं.

B9 (फोलेट) की कमी

इस कमी के लक्षणों में इम्यून सिस्टम कमजोर होना (अक्सर बीमार पड़ना), एनर्जी लेवल में कमी, समय से पहले बाल सफेद होना, पीली त्वचा, एनीमिया और बहुत अधिक चिड़चिड़ापन शामिल हैं.

दालें, विशेष रूप से छोले चने और लोबिया, पालक, आम, टोफू, स्वीट कॉर्न और ब्रोकोली. ये कुछ ऐसी चीजें हैं, जो विटामिन B9 से भरपूर होती हैं.

ब्लोटिंग और वजन बढ़ जाना

रोजाना कम से कम 5 बार फल खाएं.
रोजाना कम से कम 5 बार फल खाएं.
(फोटो:iStock)

ध्यान रखें: शराब पीने से वजन बढ़ना आम बात है, खासकर शरीर के बीच वाले हिस्से (बीयर बेली) का बढ़ना. एल्कोहल (हां, वाइन और बीयर भी) में बहुत अधिक खाली (पोषण से रहित) कैलोरी होती है, जो हर ड्रिंक के साथ बढ़ती है.

एल्कोहल के डिहाइड्रेटिंग इफेक्ट के कारण आंखों और उंगलियों में सूजन, पैर और पेट फूलना भी आम बात है. जब बॉडी डिहाइड्रेट होती है, तो इस नुकसान की भरपाई और पानी बनाए रखने के लिए ब्लोटिंग होती है.

वजन को नियंत्रित रखने के लिए पौष्टिक लेकिन कम कैलोरी वाली डाइट लें. खाने में नमक का प्रयोग कम करें. टेबल नमक, पैक सूप, डिब्बाबंद फूड, पापड़, अचार, मोनो सोडियम ग्लूटामेट (कुछ समय के लिए चाइनीज भोजन भी नहीं), सोया सॉस खाने में भी कमी करें. पोटेशियम और मैग्नीशियम भी लें.

कम से कम पांच बार फल और सब्जियां खाएं.

त्वचा को नुकसान

स्ट्रॉबेरी में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो इंटरनल क्लीनजिंग में मदद कर सकते हैं. 
स्ट्रॉबेरी में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जो इंटरनल क्लीनजिंग में मदद कर सकते हैं. 
(फोटो साभार: विकिपीडिया कॉमन्स)

ध्यान रखें: शराब से होने वाला नुकसान डिहाइड्रेशन, नेचुरल ऑयल्स की कमी के कारण सूखी और फटी त्वचा, फैले हुए छोटे फेसियल ब्लड वेसल्स, सूजन, फूला हुआ चेहरा और धंसी हुई लाल आंखों, के रूप में दिखाई देता है.

इंटरनल क्लीनजिंग के लिए सेब, टमाटर, आंवला, चेरी, स्ट्रॉबेरी, गाजर और पपीता जैसे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल खाएं.

इसके अलावा ओमेगा 3 से भरपूर फूड प्रोडक्ट्स (सूरजमुखी के बीज, फैटी मछली, अखरोट) खाएं क्योंकि ये स्किन को जल्दी से रिवाइव करते हैं. साथ ही स्किन को कोमल और चमकदार बनाते हैं.

ये भी पढ़ें : नींबू, नारियल, आंवला: जानिए हेल्दी स्किन के लिए बेस्ट 11 चीजें

हाइपरटेंशन

केला मैग्नीशियम का रिच सोर्स हैं.
केला मैग्नीशियम का रिच सोर्स हैं.
(फोटो साभार: Pexels.com)

ध्यान रखें: जो लोग शराब पीते हैं उनमें हाइपरटेंशन या हाई ब्लडप्रेशर होने की आशंका कभी कभार या बहुत अधिक शराब नहीं पीने वालों की तुलना में अधिक होती है.

कम सोडियम और हाई पोटेशियम वाले फूड प्रोडक्ट्स खाएं. अपने ब्लड प्रेशर को रेगुलर चेक करते रहें.

ये भी पढ़ें : जानिए कैसे होती है हाइपरटेंशन की शुरुआत 

लिवर की समस्याएं

एवोकाडोस में आवश्यक फैटी एसिड होते हैं जो लिवर की समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होते हैं. 
एवोकाडोस में आवश्यक फैटी एसिड होते हैं जो लिवर की समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद होते हैं. 
(फोटो:आईएएनएस)

ध्यान रखेः एल्कोहल का लिवर पर डायरेक्ट टॉक्सिक इफेक्ट (विषैला प्रभाव) होता है और इससे आंत से जुड़ी समस्याएं होती हैं. इसमें आंत के टॉक्सिन ब्लड फ्लो के माध्यम से लिवर तक पहुंचते हैं. ये टॉक्सिक पदार्थ लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे फैट कोशिकाओं के अंदर जमा हो जाती है और सूजन के कारण सेलुलर स्वेलिंग हो जाती है. ऐसे में लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता है.

खाएं: एक अच्छे संतुलित आहार की शुरुआत रिजेनरेशन में मदद करती है. वेजिटेरियन डाइट अधिक लिवर फ्रेंडली होता है. कम फैट वाली डाइट लें क्योंकि अधिक फैट वर्कलोड बढ़ा कर लिवर के काम को प्रभावित करता है. बैड फैट्स से बचें जैसे फुल-क्रीम डेयरी प्रोडक्ट्स, मार्जरीन, प्रोसेस्ड वेजिटेबल ऑयल (हाइड्रोजेनेटेड फैट), तली हुई चीजें.

इसके बजाए “गुड फैट” खाएं, जिनमें आवश्यक फैटी एसिड हों. ये कोल्ड प्रेस्ड वेजिटेबल और सीड्स ऑयल, एवोकाडोस, सैमन, ट्यूना, सार्डिन, और मैकेरल में पाए जाते हैं. कच्चे ताजा बीज जैसे अलसी के बीज, सूरजमुखी के बीज, कुसुम के बीज, तिल के बीज, अल्फाल्फा के बीज, कद्दू के बीज और फलियां खाना भी फायदेमंद है.

इसके साथ ही फल और सब्जियां भी अधिक खाएं. इनसे माइक्रो न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं, जो लिवर के रिपेयर के लिए जरूरी है.

ये भी पढ़ें : कैसे पहचानें ‘फैटी लिवर डिजीज’ के लक्षण

(इस आर्टिकल को अंग्रजी में यहां पढ़ें.)

(कविता देवगन दिल्ली में रह रही न्यूट्रिशनिस्ट, वेट मैनेजमेंट कंसल्टेंट और हेल्थ राइटर हैं. इन्होंने दो किताबें Don’t Diet! 50 Habits of Thin People (Jaico) और Ultimate Grandmother Hacks: 50 Kickass Traditional Habits for a Fitter You (Rupa) लिखी है.)

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