हैरान हो जाएंगे, इन 6 चीजों से हो सकता है कैंसर का खतरा
रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ चीजें भी कैंसर का खतरा बढ़ा सकती हैं.
रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ चीजें भी कैंसर का खतरा बढ़ा सकती हैं.(फोटो-iStock)

हैरान हो जाएंगे, इन 6 चीजों से हो सकता है कैंसर का खतरा

क्या आपको पता है ऑफिस में बैठे रहना एक नई तरह की स्मोकिंग है और अगर आप उनमें से हैं, जो लंबा वक्त ऑफिस की चेयर पर बैठकर गुजारते हैं, तो आपको कैंसर तक हो सकता है. तंबाकू कैंसर का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर जरूर है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ चीजें भी कैंसर का खतरा बढ़ा सकती हैं.

हो सकता है कि कुछ चीजें सीधे आपके डीएनए पर असर ना करें. लेकिन कभी-कभी वो सेल्स पर इस हद तक असर कर सकती हैं कि उनसे कैंसर तक हो सकता है.

यहां ऐसी ही 6 चीजों के बारे में बताया जा रहा है, जो कैंसरकारक हैं:

1. प्रोसेस्ड रेड मीट

हर 50 ग्राम प्रोसेस्ड मीट से 18 फीसदी तक कोलोन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
हर 50 ग्राम प्रोसेस्ड मीट से 18 फीसदी तक कोलोन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
(फोटो: Tumblr/@ScottBoer)

इतना तो आप समझ ही गए होंगे कि प्रोसेस्ड मीट से कैंसर हो सकता है और रेड मीट से इसकी आशंका बढ़ जाती हैं. लेकिन आप इस बात से दुखी हो कर बिल्कुल ये अंदाजा  ना लगाएं कि आप को जितनी चीजें पसंद हैं, उन्हें खाने से कैंसर हो सकता है. ऐसा बिल्कुल नहीं है. आइए जानते हैं कैंसर होने की क्या-क्या वजह हो सकती हैं.

हर 50 ग्राम प्रोसेस्ड मीट से कोलोन कैंसर का खतरा 18 फीसदी तक बढ़ जाता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने कैंसर पर अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी फॉर रिसर्च के 22 वैज्ञानिकों के विभिन्न देशों के 800 से अधिक अध्ययनों का मूल्यांकन किया और इस नतीजे पर पहुंचा है. फिर भी यह इतना हैरान करने वाला नहीं है क्योंकि यह हमेशा से सबको मालूम है कि प्रोसेस्ड गोश्त में सोडियम और फैटी एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है. लेकिन फिर भी प्रोसेस्ड गोश्त से कैंसर का खतरा कैसे हो सकता है ये समझ से बाहर है.

2. कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाला केमिकल (Parabens)

पेराबिन्स केमिकल मेकअप के प्रोडक्ट में इस्तेमाल होता है.
पेराबिन्स केमिकल मेकअप के प्रोडक्ट में इस्तेमाल होता है.
(फोटो: Tumblr/@Sephora)

स्तन कैंसर होने वाली 99% महिलाओं के शरीर में पेराबिन्स केमिकल पाया गया है. केमिकल तो बहुत सारे होते है. लेकिन पेराबिन्स केमिकल मेकअप प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होता है, जो आपके खून में मिल कर धीरे-धीरे कैंसर की वजह बनता है.

मेकअप के सामान में बड़ी मात्रा में एल्मुनियम का हिस्सा पाया जाता है.
मेकअप के सामान में बड़ी मात्रा में एल्मुनियम का हिस्सा पाया जाता है.
(फोटो: क्विंट)

रिसर्च में देखा गया है कि ज्यादातर मेकअप के सामान में बड़ी मात्रा में एल्युमिनियम सॉल्ट का इस्तेमाल किया जाता है, इनमें डियोडोरेंट भी शामिल है, जिनका चूहों के रिर्पोडक्टिव ऑर्गन पर असर देखा गया है. ज्यादातर स्किन केयर प्रोडक्ट्स में पैराबिन्स केमिकल पाया जाता है, जो एस्ट्रोजेन की तरह मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है, एक्स्ट्रा फैट स्टोरेज में मददगार हो सकता है और खतरनाक ट्यूमर तक बना सकता है.

3. शराब

ब्रिटेन की डाइटरी गाइडलाइन्स में साफ तौर पर कहा गया है कि सेहत के लिए शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. जानकार इसकी चेतावनी दे रहे हैं. शराब कम पीना या ज्यादा दोनों ही सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. जबकि कुछ साल पहले तक ये माना जाता था कि शराब की थोड़ी मात्रा 40 से अधिक पुरुषों और महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा कम कर सकती है और उसमें भी रेड वाइन. लेकिन अब जानकारों कि ये राय बदल चुकी है.

4. सूरज की किरणें

95% त्वचा कैंसर सूरज की तेज किरणों का परिणाम हैं.
95% त्वचा कैंसर सूरज की तेज किरणों का परिणाम हैं.
(फोटो: वेब)

मेलेनोमा एक खतरनाक टाइप का स्किन कैंसर है, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है. ये आमतौर पर सूरज की तेज UV किरणों से होता है.

95% त्वचा कैंसर सूरज की तेज किरणों का परिणाम हैं.

5. नाइट शिफ्ट में काम करना

 केवल 5 साल तक काम करने पर कैंसर की आशंका 11% बढ़ सकती है.
केवल 5 साल तक काम करने पर कैंसर की आशंका 11% बढ़ सकती है.
(फोटो: pixabay)

जानकारों के अनुसार, सुबह 9 से शाम 5 बजे तक काम करने वाली महिलाओं की तुलना में रात की शिफ्ट करने वाली महिलाओं में दिल की बीमारी, कैंसर और स्ट्रोक से मरने का बहुत खतरा होता है.

अमेरिका में वैज्ञानिकों ने एक स्टडी में पाया कि पांच या अधिक वर्षों तक कभी रात कभी दिन बदल-बदल कर नाइट शिफ्ट करने वाले लोगों को दिल की बीमारियों और कैंसर से मृत्यु का खतरा बढ़ गया था. रात में केवल 5 साल तक काम करने पर कैंसर की आशंका 11% बढ़ सकती है.

6. डीजल इंजन से निकलने वाले धुएं

 डीजल के धुएं के नियमित संपर्क से फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ता है.
डीजल के धुएं के नियमित संपर्क से फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ता है.
(फोटो: विकिमीडिया)

WHO के मुताबिक डीजल से चलने वाले इंजन से निकले धुएं के कारण कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. शोध से पता चला है कि डीजल के धुएं के नियमित संपर्क से फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ता है.

तो दोस्तों, सावधान रहें!

ये भी पढ़ें : वक्त रहते एक सावधानी हर तरह के कैंसर से बचाएगी

Follow our कैंसर section for more stories.