कैंसर से बचाव के लिए कारगर हो सकते हैं ये चार उपाय
कुछ उपाय अपनाकर पर्यावरणीय कारकों से होने वाले कैंसर से बचा जा सकता है.
कुछ उपाय अपनाकर पर्यावरणीय कारकों से होने वाले कैंसर से बचा जा सकता है.(फोटो: iStock)

कैंसर से बचाव के लिए कारगर हो सकते हैं ये चार उपाय

डॉक्टर्स का कहना है कि देश में कैंसर की वजह से होने वाली 22% मौतों का कारण पैसिव स्मोकिंग है. वहीं लो इनकम वर्ग वाले देशों में हेपेटाइटिस और पेपिलोमा वायरस का संक्रमण कैंसर के 25% मामलों का कारक है.

डॉक्टर्स के मुताबिक कुछ उपाय अपनाकर पर्यावरणीय कारकों से होने वाले कैंसर से बचा जा सकता है.

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स की सर्जिकल ऑन्कोलॉजी की सीनियर कंसल्टेंट (महिला) डॉ रमेश सरीन ने पर्यावरणीय कारकों से होने वाले कैंसर से बचने में मददगार कुछ महत्वपूर्ण उपाय सुझाए हैं:

1. एयर पॉल्यूशन से बचें

वायु प्रदूषण के कारणों को पहचान कर इन्हें कम करने की जरूरत है.
वायु प्रदूषण के कारणों को पहचान कर इन्हें कम करने की जरूरत है.
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दिल्ली, कोलकाता और दूसरे कई शहरों में प्रदूषण अपने घातक स्तर पर पहुंच गया है. अच्छा होगा कि इन शहरों में रहने वाले लोग धूल, कार और फैक्टरी से निकलने वाले धुएं, निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल, तंबाकू के धुएं (एक्टिव और पैसिव) से बचने के लिए मास्क का इस्तेमाल करें.

साथ ही वायु प्रदूषण के कारणों को पहचान कर इन्हें कम करने की जरूरत है.

जागरुकता के द्वारा फेफड़ों के कैंसर को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं.

2. जल प्रदूषण से बचें

पानी में डाले जाने वाले रसायन-कचरे पेट और लिवर की बीमारियों जैसे हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं.
पानी में डाले जाने वाले रसायन-कचरे पेट और लिवर की बीमारियों जैसे हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं.
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अच्छी सेहत के लिए साफ पानी पीना बहुत जरूरी है. हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे आसपास मौजूद वाटर बॉडीज (जल निकायों) को जैविक और ओद्यौगिक प्रदूषकों से दूषित न होने दिया जाए.

पानी में डाले जाने वाले रसायन-कचरे पेट और लिवर की बीमारियों जैसे हेपेटाइटिस का कारण बन सकते हैं और ये कैंसर का रूप भी ले सकता है. 

हाल ही में पानी में आर्सेनिक का स्तर बढ़ने के कारण स्किन कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं.

जल और वायु प्रदूषण की रोकथाम के प्रयास कैंसर के मामलों को कम करने में मददगार हो सकते हैं.

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3. हानिकारक केमिकल के संपर्क से बचें

अगर आपका काम ऐसा है कि आप काम के दौरान हानिकर रसायनों जैसे एस्बेस्टॉस, बेंजीन और दूसरे सॉल्वेंट्स, आर्सेनिक उत्पादों, डाई-ऑक्सिन, क्रोमियम, लेड, फाइबर के संपर्क में आते हैं, तो कैंसर की आशंका बढ़ती है. इसलिए उद्योगों में काम करने वालों को रोकथाम के उपाय अपनाने चाहिए.

4. कीटनाशकों, आर्टिफिशियल कलर और प्रिजरवेटिव का इस्तेमाल न करें

सब्जियों और फलों में इस्तेमाल किए जाने वाले कीटनाशक या खाने की चीजों में इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल कलर, प्रिजरवेटिव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं.

इनका बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन कैंसर का कारण बन सकता है.

इसलिए इन चीजों से बचने की कोशिश करें, खाद्य पदार्थों के ऑर्गेनिक विकल्प अपनाएं.

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